चरथावल क्षेत्र में ईंट भट्ठा हादसे में मजदूर की मौत, अधिकारियों के आश्वासन और भट्ठा मालिक की मदद के ऐलान के बाद समाप्त हुआ धरना
राजसत्ता पोस्ट | असलम त्यागी
मुजफ्फरनगर जनपद के थाना चरथावल क्षेत्र के दधेडू गांव स्थित सूर्य ईंट भट्ठे पर हुए दर्दनाक हादसे में मजदूर बबलू कश्यप की मौत के बाद परिजनों और किसान नेताओं द्वारा शुरू किया गया धरना प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। सदर तहसीलदार राधेश्याम गौड़ एवं नायब तहसीलदार सुनील कुमार के आश्वासन तथा भट्ठा मालिक द्वारा आर्थिक सहायता की घोषणा के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमत हुए।
ग्राम मथुरा निवासी 42 वर्षीय बबलू पुत्र मांगेराम कश्यप की गुरुवार सुबह सूर्य ईंट भट्ठे पर कार्य करते समय ईंटों के ढेर में दबकर मौत हो गई थी। हादसे के बाद मृतक के परिजन, ग्रामीण और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के एनसीआर अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य विकास शर्मा के नेतृत्व में किसान नेता मौके पर पहुंच गए और उचित मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया।
धरने के दौरान प्रशासन, किसान यूनियन और भट्ठा स्वामी के बीच कई दौर की वार्ता हुई। वार्ता में सदर तहसीलदार राधेश्याम गौड़, नायब तहसीलदार सुनील कुमार, चरथावल कोतवाल तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मृतक परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
बताया गया कि भट्ठा मालिक ने मृतक के परिवार की आर्थिक मदद करने की घोषणा की है। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, बच्चों की सहायता तथा परिवार को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उल्लेखनीय है कि इसी दिन चरथावल क्षेत्र में आंधी और बारिश के दौरान एक अन्य ईंट भट्ठे पर दीवार गिरने से मुथरा गांव निवासी अजय कश्यप की भी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी परिजनों ने मुआवजे की मांग उठाई थी। दोनों हादसों ने क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को शांतिपूर्वक संभालते हुए परिजनों से वार्ता कर मामले का समाधान कराया। किसान नेताओं ने प्रशासन और भट्ठा मालिक द्वारा मानवीय आधार पर उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए भविष्य में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

