बालिका विद्यालय का भव्य उद्घाटन: विधायक पंकज मलिक ने दिए ₹8.50 लाख, बालिका शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

असलम त्यागी | चरथावल

मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव दूधली में रविवार को बालिकाओं के लिए नए विद्यालय का भव्य शुभारंभ किया गया।
विद्यालय का उद्घाटन सयुंक्त रूप से चरथावल विधायक पंकज मलिक एवं सत्यपाल सिंह चौहान (झिलमिल कॉम्प्लेक्स, उचाना, करनाल) द्वारा फीता काटकर किया गया
यह आयोजन जिला आर्य प्रतिनिधि सभा मुजफ्फरनगर एवं आर्य समाज दूधली के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें प्रमुख संत, विद्वान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विद्यालय के निर्माण में क्षेत्रीय विधायक पंकज मलिक ने ₹ 8 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस विद्यालय के माध्यम से क्षेत्र की बेटियों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बनकर अपने भविष्य को सुरक्षित दिशा दे सकेंगी।
समारोह की शुरुआत प्रातः 8 बजे यज्ञ के साथ हुई, जिसके बाद प्रसाद वितरण, भजन, प्रवचन और उपदेश आयोजित किए गए। मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी यतिश्वरानन्द जी महाराज (पूर्व कैबिनेट मंत्री, उत्तराखण्ड) और ठा. विक्रम सिंह (दिल्ली) उपस्थित रहे। उद्घाटनकर्ता के रूप में चरथावल विधायक पंकज मलिक एवं सत्यपाल सिंह चौहान (झिलमिल कॉम्प्लेक्स, उचाना, करनाल) मौजूद रहे।
कार्यक्रम में स्वामी विश्वानन्द सरस्वती (मथुरा), स्वामी सूर्यवेश (बिजनौर), स्वामी सत्यावेश, स्वामी रामानन्द, स्वामी भजनानन्द (शुकताल), आचार्य नरेन्द्र सिंह (टन्डेडा) और नरदेव मुनि (बहादुरपुर) सहित अनेक संतों ने भाग लिया। यज्ञपुरोहित के रूप में शान्ता प्रकाश शास्त्री और आचार्य सुरेन्द्र पाल आर्य तथा भजनोपदेशिका के रूप में बहन ऋचा आर्या शास्त्री (आगरा) ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक स्वरूप दिया।
विशिष्ट अतिथियों में हरिओम त्यागी आर्य, अनूप सिंह राठी, रिपुदमन आर्य, तेजपाल सिंह आर्य, अनिल आर्य, अवनीश आर्य, अशोक बहादुर आर्य, डॉ. रविन्द्र आर्य, पवन कुमार आर्य, कुलदीप आर्य, विकास आर्य, जसवन्त सिंह आर्य, राजेन्द्र वर्मा और विद्यासागर सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।
आयोजन समिति के सदस्यों ने इस पहल को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। वक्ताओं ने बालिका शिक्षा को समाज के विकास का आधार बताते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र में नारी सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान के मार्ग का परिचायक है। ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया।
निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यह विद्यालय पूरी तरह तैयार होकर छात्राओं के लिए शुरू हो जाएगा। इस पहल से न केवल बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि उनके भविष्य में स्थिरता और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित होगी

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