सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर दौरे के दौरान सर्किट हाउस सभागार में मंडलीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। जनपद मुजफ्फरनगर और शामली के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। मंडलायुक्त अटल कुमार राय ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

समीक्षा से पूर्व मुख्यमंत्री ने सहारनपुर मंडल के सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ लोक निर्माण, पर्यटन और नगर विकास विभाग की विधानसभावार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को मान्यता दें, समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करें और लोकार्पण/शिलान्यास में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके नाम शिलापट्टों पर दर्ज किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों को समय पर भुगतान, सामुदायिक शौचालयों पर तैनात महिला केयरटेकरों को नियमित मानदेय, और जर्जर विद्यालयों की मरम्मत शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बच्चों को वैकल्पिक स्कूलों में स्थानांतरित कर शिक्षा बाधित न होने देने पर बल दिया गया।

शिक्षकों की समय से उपस्थिति, स्कूलों और अस्पतालों की स्वच्छता, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कें पहले जैसी स्थिति में लाने और उर्वरकों की कालाबाज़ारी पर सख्त निगरानी के निर्देश भी दिए गए।

राजकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर असंतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 डायलिसिस मशीनों के लिए प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाए। कॉलेज में दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, आपातकालीन सेवाओं और नियमित OPD संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं कॉलेज का निरीक्षण करेंगे।

आईजीआरएस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें और आवेदकों से वार्ता कर संतुष्टि की पुष्टि भी करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता को छोटी समस्याओं के लिए लखनऊ आने की ज़रूरत नहीं पड़नी चाहिए।

पद्मश्री पुरस्कार के लिए जिलों से प्रेरणादायक नाम शासन को भेजे जाएं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, समाजसेवा, पर्यावरण और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में कार्यरत योग्य लोगों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री उद्यमी विकास अभियान के तहत रोजगारपरक योजनाओं में प्रगति लाने, गौशालाओं में हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने और लंपी बीमारी की रोकथाम हेतु पूर्व सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई।

कानून-व्यवस्था पर समीक्षा के दौरान पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने मंडल की स्थिति पर प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने NDPS एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई, नशामुक्ति अभियान, मेडिकल स्टोरों पर निगरानी, सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग, साइबर फ्रॉड और स्टंटबाजी पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए।

112 सेवा, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से टीबी मुक्त भारत अभियान में ‘निक्षय मित्र’ बनने का अनुरोध किया और टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित करने की अपील की।

समीक्षा बैठक में निम्न प्रमुख जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे :अनिल कुमार (राज्यमंत्री, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी) कपिल देव अग्रवाल (राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, व्यवसायिक एवं कौशल शिक्षा)

ब्रजेश सिंह (राज्यमंत्री, लोक निर्माण विभाग) जसवंत सैनी (राज्यमंत्री, संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास) चंदन चौहान (सांसद, बिजनौर) राजीव गुम्बर (विधायक, सहारनपुर नगर) किरत सिंह (विधायक, गंगोह) देवेन्द्र निम (विधायक, रामपुर मनिहारान)

मुकेश चौधरी (विधायक, नकुड)

मदन भैया (विधायक, खतौली)

राजपाल बालियान (विधायक, बुढाना) मिथिलेश पाल (विधायक, जानसठ) प्रसन चौधरी (विधायक, शामली) मोहित बेनीवाल, वंदना वर्मा, वीरेन्द्र सिंह (सदस्य, विधान परिषद)अटल कुमार राय (मंडलायुक्त, सहारनपुर मंडल)

अभिषेक सिंह (पुलिस उप महानिरीक्षक) प्रो. वाई विमला (कुलपति, मां शाकुंभरी देवी विश्वविद्यालय) मनीष बंसल (जिलाधिकारी, सहारनपुर) आशीष तिवारी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) सुमित राजेश महाजन (मुख्य विकास अधिकारी) संतोष बहादुर सिंह (अपर जिलाधिकारी प्रशासन)

सलिल कुमार पटेल (अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व)

साथ ही संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

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