Anuj Tyagi
सहारनपुर में सनसनीखेज घटना, एक ही परिवार के पांच लोगों की गोली लगने से मौत
बहन को भेजा गया संदेश जांच का अहम आधार, हत्या या आत्महत्या पर सस्पेंस बरकरार
सहारनपुर।
सहारनपुर जिले के सरसावा थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव उनके घर में संदिग्ध हालात में पाए गए। सभी मृतकों के शरीर पर गोली लगने के निशान मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान अशोक राठी, उनकी पत्नी अंजिता, बुजुर्ग मां विद्यावती तथा दो नाबालिग बेटे कार्तिक और देव के रूप में हुई है। सभी के शव घर के अंदर अलग-अलग स्थानों पर पड़े मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर के अंदर संघर्ष के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं, जिससे पुलिस हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका भी जता रही है, हालांकि किसी भी निष्कर्ष पर अभी पहुंचना जल्दबाजी बताया जा रहा है।अशोक राठी मृतक आश्रित में नकुड़ तहसील में अमीन थे।
बहन को भेजा गया संदेश बना जांच का अहम बिंदु
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से कुछ समय पहले अशोक राठी ने अपनी बहन को मोबाइल पर संदेश भेजा था। संदेश में उसने मानसिक तनाव की बात लिखते हुए यह संकेत दिया था कि उससे “बहुत बड़ी गलती हो गई है” और “सब कुछ खत्म होने वाला है”। बहन द्वारा यह संदेश देखने के बाद परिजनों को चिंता हुई, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना घट चुकी थी। पुलिस अब इस संदेश, कॉल डिटेल और मोबाइल डेटा को गंभीरता से खंगाल रही है।
फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम जारी
सूचना मिलते ही सरसावा थाना पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने घर से एक अवैध हथियार मिलने की भी पुष्टि की है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
इलाके में शोक और दहशत का माहौल
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। पड़ोसी और रिश्तेदार घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू से जांच की जा रही है—चाहे वह पारिवारिक तनाव हो, आर्थिक दबाव हो या कोई अन्य कारण।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि मामला सामूहिक हत्या के बाद आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह है।


