मणिकर्णिका घाट प्रकरण: पाल समाज का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

मुजफ्फरनगर।
वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पर राजमाता अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित मंदिर व अन्य धार्मिक संरचनाओं से छेड़छाड़, मूर्तियों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों तथा विरोध करने पहुंचे श्रद्धालुओं और पाल समाज पर हुए लाठीचार्ज व दर्ज मुकदमों के विरोध में बुधवार को पाल समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मामले में न्याय की मांग की। उनका कहना था कि यह प्रकरण सीधे धार्मिक आस्था से जुड़ा है, ऐसे में शांतिपूर्ण विरोध करने वालों पर मुकदमे दर्ज करना अनुचित है। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि श्रद्धालुओं पर।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर राजमाता अहिल्याबाई होल्कर जी से जुड़ी धार्मिक धरोहरों के साथ छेड़छाड़ और बदलाव की स्थिति बेहद गंभीर है। मंदिर, मूर्तियां और धार्मिक चिह्न सनातन आस्था के प्रतीक हैं, जिनके साथ किसी भी तरह की तोड़फोड़ या परिवर्तन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि मंदिर व अन्य संरचनाओं को पूर्व स्थिति में यथावत रखा जाए और किसी भी प्रकार के बदलाव पर तत्काल रोक लगाई जाए।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जब श्रद्धालु और पाल समाज के लोग अपनी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे, तो पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। समाज के लोगों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की बात सुनने के बजाय उन पर मुकदमे लिखना न्यायोचित नहीं है, जिससे समाज में आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि मणिकर्णिका घाट स्थित राजमाता अहिल्याबाई होल्कर जी द्वारा बनवाए गए मंदिर व धार्मिक संरचनाओं को यथावत सुरक्षित रखा जाए, मंदिरों, मूर्तियों और धार्मिक चिह्नों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, तोड़फोड़ या बदलाव पर तुरंत रोक लगाई जाए, धार्मिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाने वालों की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, विरोध करने पहुंचे श्रद्धालुओं और पाल समाज के युवाओं पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं तथा लाठीचार्ज कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय व वैधानिक कार्रवाई की जाए।

समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के उपरांत प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन न्यायिक एसडीएम कृष्णकांत को सौंपा गया। इसके बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से उनके आवास पर मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार जिलाधिकारी ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि सभी मांगों को शासन तक भेज दिया गया है और जो भी न्यायसंगत होगा, उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान अखिल भारतीय पाल महासभा के जिला अध्यक्ष शिवकुमार पाल, महानगर अध्यक्ष सुनील कुमार पाल, समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल, बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पांकर पाल, पाल भाईचारा कमेटी के मंडल अध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी से जगदीश पाल, मोहन प्रजापति (राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा), रमेश पाल (जिला अध्यक्ष), सामाजिक न्याय मंच के प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय लोकदल के हरेंद्र पाल, समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री दीप्ति पाल, मोनू पाल (रालोद जिला महासचिव), गुलजारी लाल, समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष संदीप पाल, सपा नेता पवन पाल, अंकित चंदेल, गुल्लू प्रधान (शामली), मुन्ना पाल (भैंसी), विजयपाल, सुमित पाल, देशपाल (सिद्धार्थ स्टूडियो), पंकज पाल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


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