Anuj Tyagi
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों को नुकसान की आशंका, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
एमएसपी को कानूनी दर्जा दिए जाने की मांग: चौधरी शाह आलम
मुज़फ्फरनगर।
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भारतीय किसानों के हितों पर गंभीर खतरे की आशंका जताई है। संगठन की ओर से इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर के माध्यम से सौंपा गया।
चौधरी शाह आलम ने बताया कि यदि प्रस्तावित व्यापार समझौते के अंतर्गत कृषि एवं डेयरी क्षेत्र को शामिल किया गया, तो इससे देश के छोटे एवं सीमांत किसानों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित देशों द्वारा कृषि और डेयरी उत्पादों पर दी जाने वाली भारी सब्सिडी के कारण भारतीय किसान वैश्विक बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति में आ जाएंगे, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान होगा।
ज्ञापन में संगठन की ओर से पाँच प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें बादाम, मक्का, सोयाबीन और कपास जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को भविष्य के सभी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से बाहर रखने की संवैधानिक गारंटी, डेयरी क्षेत्र को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करना, किसी भी कृषि व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों की सहमति को अनिवार्य करना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देना तथा वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव से छोटे किसानों को बचाने के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान शामिल हैं।
चौधरी शाह आलम ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक रीढ़ हैं। यदि कृषि व्यवस्था कमजोर होती है, तो इसका सीधा असर देश की आत्मनिर्भरता और खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से संविधान सम्मत हस्तक्षेप कर किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री सालिम त्यागी, उत्तर प्रदेश सलाहकार एडवोकेट फैजाब खान, महिला उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुदेश, उत्तर प्रदेश महासचिव महाराज जसवीर नाथ, उत्तर प्रदेश मंत्री चौधरी जुल्फिकार, जिला सलाहकार एडवोकेट फैसल सैफी, एडवोकेट नदीम चौधरी, एडवोकेट नूरुलहक, भोपाल सिंह, अनिल कुमार सैनी, काजी मुस्तकीम, शोएब राणा, राशिद चौधरी, शहजाद चौधरी, सईद अहमद, हसीब अंसारी, संजो रानी, मनोज सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

