देहरादून: उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, क्षमता 1 गीगावाट के पार

राजधानी देहरादून से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य में स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 1 गीगावाट (1000 मेगावाट) के आंकड़े को पार कर गई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 1027.87 मेगावाट से अधिक पहुंच चुकी है, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा नीति और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है। राज्य में रूफटॉप सोलर योजनाओं, सोलर पंपों और ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांटों के माध्यम से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाने से न केवल सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, बल्कि डीजल पर निर्भरता भी कम हुई है।

सरकार का कहना है कि डबल इंजन सरकार के विजन के तहत उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से हजारों युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और सप्लाई से जुड़े व्यवसायों में भी तेजी आई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड का सौर ऊर्जा क्षमता में 1 गीगावाट पार करना उल्लेखनीय उपलब्धि है। आने वाले वर्षों में नई परियोजनाओं के माध्यम से इस क्षमता को और बढ़ाने की योजना है।

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में यह उपलब्धि उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *