देहरादून: चारधाम हेली सेवा अब और सुरक्षित, धामों में पहली बार एटीसी सिस्टम
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में इस वर्ष बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी देहरादून से संचालित हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पहली बार केदारनाथ मंदिर और बदरीनाथ मंदिर में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बदलते मौसम को देखते हुए यह व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब धामों में हेलिकॉप्टर संचालन पूरी तरह तकनीकी निगरानी में होगा। एटीसी सिस्टम के माध्यम से उड़ानों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी और हर मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। धुंध, बारिश या अचानक बदलते मौसम की स्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सकेगा। खराब मौसम में किसी भी हेलिकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पिछले वर्ष हेली सेवाओं के दौरान हुए हादसों के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय DGCA और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकेडा) ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार “फुल-प्रूफ” सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
सिरसी और सहस्त्रधारा हेलीपैड पर पहले से लागू निगरानी व्यवस्था के बाद अब सीधे धामों में भी एटीसी सुविधा उपलब्ध होगी। हेलिकॉप्टरों की लाइव ट्रैकिंग से संचालन में पारदर्शिता और नियंत्रण दोनों मजबूत होंगे।
वहीं, केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया 25 फरवरी तक पूरी होने की संभावना है। यात्रा सीजन से पहले सभी तकनीकी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद हवाई सेवा मिल सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। मौसम प्रतिकूल होने पर उड़ानें तत्काल रोकी जाएंगी और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा। इस नई व्यवस्था से चारधाम यात्रा के दौरान हेली संचालन पहले से अधिक नियंत्रित, सुरक्षित और विश्वसनीय होने की उम्मीद है।

