फर्जी सीबीआई/कस्टम अधिकारी बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत दो गिरफ्तार, नकदी व दस्तावेज बरामद

असलम त्यागी |राजसत्ता पोस्ट 

मुजफ्फरनगर जनपद के थाना शाहपुर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए खुद को फर्जी सीबीआई और कस्टम अधिकारी बताकर लोगों को डराकर ठगी करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 2,00,760 रुपये नकद, तीन डेबिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन, फर्जी आईडी कार्ड, फर्जी सर्च वारंट की छायाप्रति, बैंक पासबुक और चेकबुक बरामद की है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई। मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता इकरा निवासी हजूरनगर थाना शाहपुर ने थाने में तहरीर देकर बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म MOJ और व्हाट्सएप के जरिए एक व्यक्ति से उसकी बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे आरोपी ने उसे विश्वास में लेकर खुद को फर्जी सरकारी अधिकारी बताना शुरू किया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उसे डराने-धमकाने के लिए फर्जी सीबीआई अधिकारी की आईडी, सर्च वारंट और अन्य दस्तावेज भेजे। इसके बाद मानसिक दबाव बनाकर उससे अलग-अलग बैंक खातों में करीब 5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले में थाना शाहपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सर्विलांस टीम की मदद से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को हजूरनगर मार्ग से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
रोजी पुत्री मौ. मकसूद
निवासी: टी-86बी, हजरत निजामुद्दीन सराय, काले खां, दिल्ली
उम्र: लगभग 24 वर्ष
मंसूर अहमद पुत्र मनव्वर अली
निवासी: गांव शेखपुरा तुर्क, पोस्ट जीतपुर पलड़ी, थाना नगीना, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश)
वर्तमान पता: 26/21, शहदुल्ला जाब कॉलोनी, एमबी रोड, महरौली, दक्षिणी दिल्ली
उम्र: लगभग 26 वर्ष
पूछताछ में खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क कर पहले भरोसा जीतते थे और फिर खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर ब्लैकमेलिंग और ठगी करते थे।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इसी तरह अन्य लोगों को भी निशाना बनाकर ठगी कर चुके हैं।
आगे की जांच
पुलिस अब आरोपियों के पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की जांच कर रही है, ताकि इस साइबर ठगी गैंग से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा किया जा सके। साथ ही इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से सावधानी बरतें और किसी भी तरह की धमकी या फर्जी पहचान की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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