रामपुर: क्लेम के पैसों के लिए पत्नी-बेटे को जिंदा जलाया, पति ने रची खौफनाक साजिश

महिला कांस्टेबल लता और 2 साल के बेटे लड्डू की हत्या का खुलासा, पति-देवर समेत 5 आरोपी

उत्तर प्रदेश के रामपुर में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां महिला कांस्टेबल लता सिंह (23) और उसके दो वर्षीय बेटे लड्डू को जिंदा जलाकर मार डाला गया। इस वारदात को पहले सड़क हादसा बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच में यह बीमा क्लेम के पैसों के लिए रची गई सुनियोजित हत्या निकली।

इस खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतका का पति दानसिंह ही निकला। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस हत्या में उसका देवर रवि और अन्य साथी भी शामिल थे।


क्या है पूरा मामला?

यह घटना 25 फरवरी 2026 की रात रामपुर के गंज थाना क्षेत्र में काशीपुर गांव के पास खोद चाकू चौराहा रोड पर हुई थी।

उस रात एक कार में आग लगने से महिला कांस्टेबल लता सिंह और उसके बेटे लड्डू की जलकर मौत हो गई थी। घटना के समय इसे डंपर से टक्कर के बाद लगी आग बताया गया था।

लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, मामला पूरी तरह पलट गया और सच्चाई सामने आ गई कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या थी।


कैसे रची गई हत्या की साजिश?

पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला है:

  • आरोपी दानसिंह और रवि ने पहले लता सिंह को नशीली गोलियां देकर बेसुध किया
  • इसके बाद कार में पेट्रोल डालकर आग लगाने की योजना बनाई गई
  • जब लता सिंह ने कार से बाहर निकलकर खुद को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उस पर कार में रखी हथौड़ी से पीछे से सिर पर वार किया
  • इसके बाद पूरी घटना को हादसा दिखाने के लिए कार को सड़क पर लाया गया और डंपर टक्कर की झूठी कहानी बनाई गई
  • वारदात के बाद आरोपी दानसिंह और रवि खुद कार से कूदकर बाहर निकल आए और खुद को भी झुलसा लिया, ताकि उन पर शक न हो।

हत्या के पीछे का कारण

पुलिस के अनुसार इस पूरी वारदात का मुख्य कारण बीमा क्लेम और अन्य आर्थिक लाभ था।

महिला कांस्टेबल लता सिंह की मौत के बाद मिलने वाले बीमा और सरकारी मुआवजे की रकम पाने के लिए यह खौफनाक साजिश रची गई।


कौन-कौन आरोपी?

इस मामले में पुलिस ने कुल 5 आरोपियों की पहचान की है:

  • दानसिंह (पति)
  • रवि (देवर)
  • प्रदीप
  • नूरहसन
  • सलमान

गिरफ्तारी की स्थिति:

  • दानसिंह, नूरहसन और सलमान गिरफ्तार
  • रवि और प्रदीप फरार, पुलिस लगातार तलाश में जुटी है


पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के अनुसार:

25 फरवरी की रात दानसिंह ने दुर्घटना की सूचना दी थी और अज्ञात वाहन के खिलाफ तहरीर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में हादसा माना गया, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो यह मामला हत्या का निकला।

जांच में सामने आया कि महिला को नशीली गोलियां दी गईं, फिर कार में पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। जब वह बचने की कोशिश कर रही थी, तब उस पर हथौड़े से वार किया गया।

इस साजिश का मुख्य कारण बीमा क्लेम की रकम था। मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम काम कर रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।


समाज को झकझोरने वाली वारदात

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटते विश्वास और पैसों के लिए इंसानियत के खत्म होते चेहरे को दिखाती है। एक पति ने ही अपनी पत्नी और मासूम बेटे को मौत के घाट उतार दिया, जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।


 

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