किसान नेता ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप, चरथावल सीएचसी प्रभारी डॉ. सतेन्द्र ने बताया निराधार

असलम त्यागी |चरथावल 

मुज़फ्फरनगर जनपद के कस्बा चरथावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शुक्रवार को उस समय चर्चा में आ गया, जब भारतीय किसान यूनियन (आंदोलनकारी) के युवा प्रदेश अध्यक्ष शाकिर मुखिया अपने समर्थकों के साथ केंद्र पर पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।

भाकियू नेता शाकिर मुखिया ने स्वास्थ्य विभाग तथा सीएचसी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चरथावल क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध अस्पताल एवं संदिग्ध चिकित्सालय संचालित हो रहे हैं। उनका दावा है कि ऐसे संस्थानों को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिससे आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन अस्पतालों को पूर्व में अनियमितताओं के चलते सील किया गया था, उन्हें पुनः संचालित होने दिया गया। इस संबंध में किस स्तर से अनुमति दी गई, इस पर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ रही है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े किए।

शाकिर मुखिया ने आरोप लगाया कि तहसील व स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारी कथित रूप से अवैध अस्पतालों से मासिक धनराशि लेकर उन्हें संचालित होने दे रहे हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।

इसके अतिरिक्त, सीएचसी प्रभारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया कि वे प्रायः अनुपस्थित रहते हैं और दूरभाष पर अवकाश का हवाला देते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

वहीं, इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. सतेन्द्र ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित प्रयोगशाला को स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत ही संचालन की अनुमति प्रदान की गई है।

इस प्रकरण ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अनेक प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और जांच के उपरांत क्या कार्रवाई की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *