मुज़फ्फरनगर के ‘नावेद’ ने फेसबुक पर ‘नवीन राणा’ बनकर फंसाया, फुलत मदरसे में हुआ जबरन धर्मांतरण, बार-बार कराया हिन्दू लड़की का हलाला, मौलाना कलीम समेत 16 पर मुकदमा, एक गिरफ्तार
लोनी (गाजियाबाद)। दिल्ली से सटे लोनी इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर की रहने वाली एक हिंदू महिला ने आरोप लगाया है कि उसे प्रेमजाल में फंसाकर पहले उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया, फिर वर्षों तक निकाह, तलाक और हलाला के नाम पर उसका मानसिक, शारीरिक और यौन शोषण किया जाता रहा। पीड़िता ने दावा किया कि पिछले करीब 13 सालों तक उसे एक ऐसे जाल में फंसाकर रखा गया, जहां से निकलना उसके लिए लगभग असंभव हो गया था।
महिला की शिकायत पर गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में मौलाना कलीम सिद्दीकी, खालिद हुसैन समेत 16 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी खालिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
फेसबुक पर ‘नवीन राणा’ बनकर शुरू हुआ खेल
पीड़िता के अनुसार उसकी जिंदगी तब बदल गई जब वर्ष 2012 में वह इंदौर में बीबीए की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान फेसबुक पर उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम ‘नवीन राणा’ बताया। युवक खुद को हिंदू और अच्छे परिवार से जुड़ा हुआ बताता था।
धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी। आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए हिंदू रीति-रिवाजों और धार्मिक बातों का भी सहारा लिया। करीब एक साल तक लगातार बातचीत के बाद युवती पूरी तरह उसके झांसे में आ गई।
साल 2013 में आरोपी ने युवती को मिलने के लिए दिल्ली बुलाया। युवती जब दिल्ली पहुंची तो आरोपी उसे मुजफ्फरनगर के फुलत स्थित एक मदरसे में ले गया। वहां पहुंचने के बाद युवती को पहली बार पता चला कि जिस युवक को वह ‘नवीन राणा’ समझ रही थी, उसका असली नाम ‘नावेद’ है।
मदरसे में बंधक बनाकर धर्मांतरण कराने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि फुलत मदरसे में पहुंचते ही उसके मोबाइल और संपर्क के सारे साधन छीन लिए गए। उसे बाहर किसी से बात नहीं करने दी जाती थी।
महिला का आरोप है कि वहीं पर मौलाना कलीम सिद्दीकी और अन्य लोगों ने उस पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता का कहना है कि उसे निर्वस्त्र कर पीटा गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
महिला ने आरोप लगाया कि उसे कहा गया कि अब वह वापस अपने परिवार के पास नहीं जा सकती और अगर किसी को कुछ बताया तो उसे बदनाम कर दिया जाएगा। लगातार डर, धमकियों और प्रताड़ना के बीच आखिरकार उसका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया।
इसके बाद उसे बुर्का पहनने और इस्लामिक नियमों के अनुसार जीवन जीने के लिए मजबूर किया गया। पीड़िता का कहना है कि उसे बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह काट दिया गया था।
पहला निकाह और शुरू हुआ अत्याचार
धर्मांतरण के बाद पीड़िता का पहला निकाह मुजफ्फरनगर निवासी अब्दुर रहमान से कराया गया, जो उम्र में उससे करीब 25 साल बड़ा था।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद उसके साथ लगातार मारपीट और जबरदस्ती की जाती थी। नमाज न पढ़ने या किसी बात का विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा जाता था।
करीब दो महीने बाद अब्दुर रहमान ने उसे तीन तलाक दे दिया। इसके बाद उसे मेरठ भेजा गया, जहां उसे इद्दत पूरी करने के लिए रखा गया।
जयपुर में हलाला के नाम पर शोषण
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मेरठ से उसे जयपुर के एक मदरसे में भेजा गया। वहां हलाला के नाम पर कई दिनों तक उसका शोषण किया गया।
महिला का कहना है कि उसे मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया गया था कि वह चाहकर भी किसी से मदद नहीं मांग पा रही थी। उसे लगातार यही कहा जाता था कि अब उसका कोई अपना नहीं है और अगर उसने भागने की कोशिश की तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।
दूसरा निकाह और फिर मौत
पीड़िता के अनुसार वर्ष 2015 में उसका दूसरा निकाह शामली निवासी मुदस्सिर से कराया गया। कुछ समय तक वह उसके साथ रही, लेकिन वर्ष 2019 में मुदस्सिर की मौत हो गई।
महिला को उम्मीद थी कि शायद अब उसे इस चक्र से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आरोप है कि इसके बाद फिर से मौलानाओं और अन्य लोगों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।
तीसरा निकाह, तलाक और फिर हलाला
इसके बाद महिला को बागपत ले जाया गया, जहां उसका तीसरा निकाह खालिद हुसैन से कराया गया।
पीड़िता का आरोप है कि खालिद ने भी उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया। वर्ष 2022 में खालिद ने उसे तलाक दे दिया। जब महिला ने दोबारा उसके साथ रहने की इच्छा जताई तो उससे कहा गया कि पहले हलाला करना होगा।
इसके बाद खालिद के जीजा फकरुद्दीन के साथ उसका निकाह कराया गया। महिला का आरोप है कि इस दौरान खालिद और उसके भाई साकिब ने भी उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने बताया कि बाद में मौलाना फुरकान ने फिर से उसका निकाह खालिद के साथ पढ़वाया।
किसी तरह भागकर विधायक तक पहुंची पीड़िता
लगातार अत्याचार और प्रताड़ना झेल रही पीड़िता आखिरकार एक दिन आरोपियों के चंगुल से भागने में सफल रही।
वह सीधे लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर के पास पहुंची और पूरी घटना बताई। पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद विधायक ने पुलिस अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
16 लोगों पर केस, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर 13 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले में धर्मांतरण, दुष्कर्म, मारपीट, धमकी और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अब मुजफ्फरनगर के फुलत मदरसे से जुड़े लोगों समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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