यूपी में 24 घंटे में तीन हत्याएं करने वाला साइको किलर एनकाउंटर में ढेर, ट्रेन और अस्पताल बना था निशाना

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में 24 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देने वाले कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह की सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। आरोपी ने चलती ट्रेनों और अस्पताल में ताबड़तोड़ वारदातों से पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने ले जाया गया था, तभी उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

चंदौली एसपी आकाश पटेल ने बताया कि दरियापुर इलाके में देर रात सीन रीक्रिएशन के दौरान गुरप्रीत सिंह ने अचानक पुलिस पर हमला कर दिया। मुठभेड़ में आरोपी के सीने और पेट में गोली लगी, जबकि एक एसआई और जीआरपी का सिपाही भी घायल हुए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि 45 वर्षीय गुरप्रीत सिंह ने 26 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग हत्याओं को अंजाम दिया था और हर वारदात में कनपटी पर गोली मारने का एक जैसा तरीका अपनाया था। पहली घटना रविवार सुबह करीब 6:45 बजे हुई, जब आरोपी ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ और गाजीपुर निवासी 34 वर्षीय मंगरू की गोली मारकर हत्या कर दी।

इसके बाद आरोपी 10 मई की रात करीब 1:30 बजे जम्मूतवी एक्सप्रेस में चढ़ा और बिहार के गया निवासी दिनेश साहू पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। लगातार दो ट्रेन हत्याओं के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

तीसरी और सबसे खौफनाक वारदात सोमवार सुबह मुगलसराय के जीवक अस्पताल में हुई। आरोपी इलाज कराने के बहाने अस्पताल पहुंचा, पर्ची बनवाई और सीधे वार्ड में घुस गया। वहां भर्ती महिला लक्ष्मीना देवी के सिर पर रिवॉल्वर रखकर गोली मार दी। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को वॉर्ड बॉय और मौजूद लोगों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से लाइसेंसी रिवॉल्वर, डबल बैरल बंदूक और कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में गुरप्रीत सिंह ने तीनों हत्याओं की बात कबूल कर ली थी। जांच में यह भी सामने आया कि वह पहले सेना में रह चुका था और वर्ष 2021 में नौकरी छोड़ चुका था। हाल के दिनों में वह बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था, लेकिन शराब की लत के चलते उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।

डीआईजी वाराणसी रेंज वैभव कृष्ण के अनुसार, पुलिस साइको किलिंग के एंगल से मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कहीं और भी वारदातों को अंजाम तो नहीं दिया था।

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