IAS बनने का दावा निकला झूठा: बुलंदशहर की युवती ने 113वीं रैंक बताई, जांच में खुली पोल

बुलंदशहर। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम आने के बाद बुलंदशहर में आईएएस बनने का एक दावा झूठा साबित हो गया। नगर के भूड़ क्षेत्र स्थित अंबेडकर कॉलोनी निवासी एक युवती ने यूपीएससी परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का दावा किया था, लेकिन प्रशासनिक जांच में यह दावा पूरी तरह गलत पाया गया।

बताया गया कि युवती ने खुद को शिखा गौतम बताते हुए यूपीएससी में 113वीं रैंक आने की बात कही थी। इस खबर के फैलते ही इलाके में खुशी का माहौल बन गया और लोगों ने जश्न भी मनाया। हालांकि बाद में यह मामला संदेह के घेरे में आ गया।

दरअसल, 113वीं रैंक प्राप्त करने वाली असली अभ्यर्थी हरियाणा के रोहतक की रहने वाली शिखा गौतम हैं, जो वर्तमान में बीडीपीओ (BDPO) पद पर कार्यरत बताई जा रही हैं। जब बुलंदशहर की युवती के आईएएस बनने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, तो असली अभ्यर्थी ने इस संबंध में यूपीएससी को ई-मेल कर जांच की मांग की

इसके बाद यूपीएससी ने मामले की जांच के लिए बुलंदशहर जिला प्रशासन को निर्देश दिए। जिलाधिकारी श्रुति के निर्देश पर एडीएम प्रशासन के माध्यम से एसडीएम सदर दिनेश चंद्र को जांच सौंपी गई।

जांच के दौरान सदर तहसीलदार मनोज रावत युवती के घर पहुंचे और उसके दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आया कि युवती का वास्तविक नाम शिखा रानी है और वह यूपीएससी की मुख्य परीक्षा (मेन्स) भी पास नहीं कर सकी थी। ऐसे में उसका इंटरव्यू के लिए चयन ही नहीं हुआ था।

सदर तहसील के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच के दौरान युवती और उसके परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उनका कहना था कि उन्हें पता था कि चयन नहीं हुआ है, लेकिन लोगों द्वारा मिल रहे सम्मान के कारण वे सच्चाई बताने का साहस नहीं कर पाए।

फर्जी दावा सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। वहीं सच्चाई सामने आने के बाद परिजनों और लोगों में मायूसी देखी जा रही है।


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