यूजीसी एक्ट–2026 के विरोध में महिलाओं का पैदल मार्च, यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने किया रवाना
गाजियाबाद।
यूजीसी एक्ट–2026 के विरोध में गुरुवार को शिवशक्ति धाम डासना से गाजियाबाद जिला मुख्यालय तक भाजपा से जुड़ी महिलाओं ने पैदल मार्च निकाला। मार्च के उपरांत महिलाओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ज्ञापन सौंपकर कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।
पैदल मार्च को शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने पुष्प अर्पित कर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं को आशीर्वाद देते हुए उनकी सुरक्षा के लिए यति, संन्यासियों और शिष्यों को भी साथ भेजा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं डॉ. उदिता त्यागी ने कहा, “हर मां का कर्तव्य है कि जब उसकी संतान पर संकट आए तो वह महाकाली का रूप धरकर उसकी रक्षा करे। मैं स्वयं एक मां हूं और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संघर्ष करने को तैयार हूं।” उन्होंने आशंका जताई कि इक्विटी कमेटी के प्रावधानों का दुरुपयोग हो सकता है और इससे बेटियों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न होगा।
वहीं नगर पंचायत डासना की सभासद श्रीमती शशि चौहान ने कहा, “देश और धर्म के लिए बलिदान देने वालों के बच्चों को किसी की राजनीति के लिए अपराधी नहीं बनने देंगे। यह कानून न्याय और समानता की भावना के खिलाफ है और सरकार को इसे वापस लेना होगा।”
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि सात दिन के भीतर यूजीसी एक्ट–2026 वापस नहीं लिया गया तो 5 फरवरी को शिक्षा मंत्री के आवास के सामने बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस पैदल मार्च में गीता त्यागी, अंजना त्यागी, गुंजन गुप्ता, पलक गुप्ता, गीता त्यागी मंडला, मोना शर्मा, गुड्डी शर्मा, रीना, गीता, काजल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।

