मुजफ्फरनगर में फैक्ट्रियों पर सत्यापन अभियान, ऑपरेशन टॉर्च के तहत पुलिस की रातभर छापेमारी

मुजफ्फरनगर। रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की आशंका को लेकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस ने गुरुवार रात कारखानों में काम करने वाली लेबर के सत्यापन के लिए व्यापक अभियान चलाया। ऑपरेशन टॉर्च के तहत भारी पुलिस फोर्स ने इंडस्ट्री एरिया स्थित कई फैक्ट्रियों पर अचानक छापेमारी की, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीमों ने फैक्ट्रियों में कार्यरत लेबर के आधार कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की। कई स्थानों पर लेबर का सत्यापन न होने पर अधिकारियों ने फैक्ट्री मालिकों को कड़ी हिदायत देते हुए जल्द से जल्द पुलिस के माध्यम से सत्यापन कराने के निर्देश दिए।

दरअसल, सीओ सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अक्सर बाहर से आकर लेबर कारखानों में काम करती है, जिनका सही रिकॉर्ड न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि उनमें कोई घुसपैठिया या आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति तो नहीं है। इसी कारण शासन के निर्देश पर जनपद में किरायेदारों, बाहर से आकर रहने वाले लोगों के साथ-साथ फैक्ट्री वर्करों का भी लगातार सत्यापन कराया जा रहा है।

अभियान के दौरान यह भी सामने आया कि कई फैक्ट्रियों में ठेकेदारों के माध्यम से रखे गए वर्करों का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं है। न तो उनका फैक्ट्री के वर्क रोल में नाम दर्ज है और न ही एंट्री-एग्जिट से संबंधित रजिस्टर रखे गए हैं, जिससे पुलिस के लिए सत्यापन एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सीओ सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा ने बताया कि यह अभियान पिछले एक महीने से लगातार चल रहा है। इसके अंतर्गत बाहर से आए किरायेदारों, फैक्ट्री वर्करों और संभावित अवैध घुसपैठियों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री एरिया में सुरक्षा और सत्यापन की कई खामियां सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए फैक्ट्री संचालकों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही ठेकेदारों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देशित किया जाएगा कि किसी भी व्यक्ति को रोजगार दिलाने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। फिलहाल किसी विदेशी या बांग्लादेशी नागरिक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गैर-जनपद के अपराधियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी दृष्टि से यह सत्यापन अभियान जरूरी है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों में डर पैदा करना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

बाइट – सिद्धार्थ के मिश्रा, सीओ सिटी, मुजफ्फरनगर

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