गन्ने का घोषित भाव ऊंट के मुंह में जीरा समान — अक्षु त्यागी
मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित गन्ना मूल्य को लेकर किसानों में असंतोष का माहौल है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिला अध्यक्ष अक्षु त्यागी ने कहा कि सरकार द्वारा तय किया गया गन्ने का मूल्य किसानों की लागत के मुकाबले बेहद कम है और यह “ऊंट के मुंह में जीरे” के समान प्रतीत होता है।
अक्षु त्यागी ने कहा कि सरकार के गन्ना अनुसंधान विभाग के अनुसार एक क्विंटल गन्ने की लागत ₹400 से ₹450 तक आती है, जबकि घोषित भाव उससे काफी कम है। उन्होंने कहा कि सरकार लाभकारी मूल्य देने की बात तो करती है, लेकिन कथनी और करनी में बड़ा अंतर दिखाई देता है।
उन्होंने कहा, “हम सरकार द्वारा सीजन की शुरुआत में भाव घोषित करने के लिए धन्यवाद देते हैं, ताकि किसानों को समय रहते भाव की जानकारी मिल सके। परंतु यह मूल्य किसानों की मेहनत और लागत के अनुरूप नहीं है। सरकार को चाहिए कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करे।”
अक्षु त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसानों की वास्तविक लागत व बढ़ते खर्चों को ध्यान में रखते हुए पुनः मूल्य निर्धारण की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सच में किसानों की हितैषी है, तो उसे लाभकारी मूल्य लागू कर गन्ना उत्पादकों को राहत देनी चाहिए।

