Anuj Tyagi
खेडा मस्तान में मजदूर किसानों की विचार सभा, नस्ल बचाने का संकल्प लिया गया
मुजफ़्फरनगर, 29 सितम्बर 2025
रविवार को हिन्द मजदूर किसान समिति द्वारा गाँव खेडा मस्तान में फसल से पहले “नस्ल बचाने के प्रति जागरूकता” के लिए मजदूर किसानों की एक विचार सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
विचार सभा को संबोधित करते हुए हिन्द मजदूर किसान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांति गुरु चंद्रमोहन जी ने कहा कि फसल से कहीं अधिक कीमती नस्ल है, क्योंकि अच्छी फसल और उसकी कीमत फिर से प्राप्त की जा सकती है, लेकिन यदि नस्ल एक बार बर्बाद हो जाए तो उसे सुधारना बेहद कठिन होता है। उन्होंने कहा कि हमारी नस्ल को सबसे बड़ा खतरा नशे और जाति के जहर से है। नशा विनाश करता है और जातिवाद सत्यानाश करता है।
क्रांति गुरु चंद्रमोहन जी ने कहा कि कई ऐसे परिवार हैं जिनके बेटे नशे की चपेट में आकर जमीन-जायदाद तक गंवा चुके हैं और परिवार तबाह हो गए हैं। जब जमीन ही नहीं बचेगी तो खेती कहाँ से होगी? इसलिए नस्ल को बचाना सबसे ज़रूरी है।
उन्होंने आह्वान किया कि हम स्वयं और अपनी नस्ल को तीन चीजों से मुक्त करें – 1. नशे से, 2. जाति के जहर से और 3. पाखंड से। वहीं तीन चीजों से युक्त करें – 1. क्रांतिकारियों के प्रति गहरे भाव से, 2. धर्म से और 3. देश से।
क्रांति गुरु चंद्रमोहन जी ने कहा कि जब तक हम क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान का हृदय से एहसास नहीं करेंगे, तब तक हम अपनी नस्ल के प्रति जागरूक नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज भ्रष्ट नेता केवल अपनी कुर्सी और परिवार की उन्नति के लिए समाज में नशा बाँटते हैं और जाति का जहर घोलते हैं। मजदूर किसानों की नस्ल से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे और जातिवाद से मजदूर-किसानों का कोई लाभ नहीं होता, बल्कि यही उनकी बर्बादी का रास्ता है। ऐसे भ्रष्ट नेता हमें धर्म से दूर करते हैं और समाज में नशा व जाति का जहर फैलाते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि ऐसे नेताओं का पूरी तरह बहिष्कार करें क्योंकि वही हमारी नस्ल के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
सभा में क्रांति गुरु चंद्रमोहन जी ने कहा कि मजदूर-किसानों की सरकार से यह मांग होनी चाहिए कि शिक्षा का राष्ट्रीयकरण हो, राजनीति का शुद्धिकरण हो और धर्म का स्पष्टीकरण हो।
उन्होंने कहा कि यदि किसान अपनी नस्ल को मजबूत कर लेंगे तो तटबंध, आवारा पशु, फसल की उचित कीमत, बिजली और जनसंख्या नियंत्रण जैसे स्थानीय मुद्दों को भी सफलतापूर्वक हल किया जा सकेगा।
इस अवसर पर क्रांति गुरु चंद्रमोहन जी ने छपार टोल पर हुई अरविंद पांडेय की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और उनके परिजनों को हिन्द मजदूर किसान समिति की ओर से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने किसान संगठनों से अपील की कि इस मुद्दे पर राजनीति न करें और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करें।
कार्यक्रम में राजपाल, अमित, पंकज, उपेंदर, पप्पन, विकास, विजय, दीपक, अंकुर, शैलेंदर आदि का विशेष सहयोग रहा।


