
सहारनपुर। जिला प्रशासन एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा सहारनपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें खासतौर पर रात 2 से 4 बजे तक के ‘हाई-रिस्क समय’ को केंद्र में रखा गया है। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं की अधिक संभावना को देखते हुए दोनों टोल प्लाज़ा पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर के अनुसार, ड्राइवरों को नींद के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से जागरूक करने के लिए पीए सिस्टम के माध्यम से चेतावनी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही टोल प्लाज़ा और ढाबों पर जागरूकता बैनर लगाए गए हैं, pamphlet वितरण किया जा रहा है और टोल स्टाफ द्वारा ड्राइवरों को मौखिक रूप से नींद के जोखिम के बारे में बताया जा रहा है।
ढाबा संचालकों व चाय विक्रेताओं को भी इस अभियान से जोड़ा गया है ताकि रात में ड्राइवरों को सतर्क रखने में सहयोग किया जा सके। साथ ही टोल स्टाफ की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे ड्राइवरों को नींद से जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर नियमित रूप से जागरूक करें।
इसके अतिरिक्त अभियान के अंतर्गत हेलमेट के बिना ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर भी तत्काल चालान की कार्रवाई की जा रही है। आने वाले सप्ताह से “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को चरणबद्ध और स्थायी रूप से लागू किया जाएगा।
दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए रात्रि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को रिफ्लेक्टर जैकेट वितरित किए जा रहे हैं। वहीं सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को या तो हटाया जा रहा है या उन्हें स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जा रहा है ताकि वाहन चालकों को असुविधा न हो।
रात के समय ट्रैफिक मोबाइल यूनिट्स की टोल पर अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है ताकि निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह अभियान आमजन की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लगातार जारी रहेगा।

