सहारनपुर। नगर निगम में शुक्रवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब शहर के व्यापारियों ने एक माह पुराने मारपीट के मामले को लेकर निगम कार्यालय का घेराव कर दिया। घटना को लेकर पहले से आक्रोशित व्यापारी वर्ग ने आरोप लगाया कि एक व्यापारी के साथ निगम के परिवर्तन दल द्वारा न केवल दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि उसे जबरन नीचे गिराकर अपमानित भी किया गया। मामले में आज तक कोई कार्रवाई न होने पर व्यापारी लामबंद हो गए और कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।
स्थिति तब और गरमा गई जब अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय कुमार से मुलाकात के दौरान व्यापारियों को अपमानित करते हुए बाहर निकलवाने का प्रयास किया गया और परिवर्तन दल को फिर से बुला लिया गया। इससे आहत व्यापारी तत्काल बाजार बंद कर निगम पहुंच गए। वहां पर समाजवादी पार्टी पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा भी व्यापारियों के समर्थन में धरने पर बैठ गए।
*भाजपा समर्थित व्यापारियों और सपा पार्षद कांग्रेस से हमजा मसूद एक मंच पर*

दिलचस्प बात यह रही कि इस धरना प्रदर्शन में भाजपा समर्थित व्यापारी नेता भी शामिल थे और सपा के पार्षद भी। सभी ने एक सुर में निगम प्रशासन की कार्यशैली और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध जताया। व्यापारियों ने खुले मंच से यह तक कह दिया कि अब वे “वोट पर चोट” देने की तैयारी में हैं।

जी आई एस सर्वे को लेकर भी उठ रही है मांग

व्यापारियों ने इस घटना के साथ-साथ जीआईएस सर्वे को लेकर भी तीखा विरोध जताया। कई व्यापारियों ने कहा कि पहले से ही उनके प्रतिष्ठानों पर गलत टैक्स लाद दिया गया है, ऊपर से अधिकारियों का व्यवहार और भी अपमानजनक होता जा रहा है। इस दौरान पार्षद टिंकू अरोड़ा ने भी जीआईएस सर्वे को लेकर अपनी पूर्व आशंकाओं को दोहराया और इसे व्यापारियों के साथ अन्याय बताया।
*सिटी मजिस्ट्रेट ने पहुंचकर कराया मामला शांत*
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हुआ और सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से वार्ता की और अपर नगर आयुक्त से व्यापारियों के सामने माफी मंगवाई। अपर आयुक्त ने कहा कि यदि व्यापारियों को किसी प्रकार की ठेस पहुंची है तो वह उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं और आगे से ऐसा व्यवहार नहीं होगा। इसके बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त कर दिया और बाजार फिर से खोल दिए गए।

*अब उठ रहे कई सवाल*

इस घटनाक्रम के बाद शहर में कई सवाल खड़े हो गए हैं —
क्या व्यापारी वर्ग अपनी ताकत का सफल प्रदर्शन कर चुका है?
क्या जीआईएस सर्वे के खिलाफ भी अब यही एकजुटता देखने को मिलेगी?
क्या भाजपा के विधायक और जनप्रतिनिधि अब व्यापारियों के पक्ष में खुलकर खड़े होंगे या निगम प्रशासन के साथ रहेंगे?
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सहारनपुर के व्यापारी अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। चाहे वह किसी पार्टी के समर्थक हों, जब बात उनके व्यापार और सम्मान की आती है, तो वे एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने को तैयार हैं।
व्यापारी नेता विवेक मनोचा और पार्षद टिंकू अरोड़ा ने क्या कहा?
व्यापारी नेता विवेक मनोचा ने कहा, “व्यापारियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अबकी बार वोट वहीं जाएगा जो व्यापारियों की इज्जत करेगा।”
पार्षद टिंकू अरोड़ा बोले, “जीआईएस सर्वे पहले ही व्यापारियों की कमर तोड़ चुका है। अब अधिकारियों का व्यवहार भी असहनीय हो गया है। हम चुप नहीं बैठेंगे।”
यह विरोध प्रदर्शन महज एक घटना का गुस्सा नहीं था, यह व्यापारियों की पीड़ा, अपमान और उपेक्षा के खिलाफ खड़ा हुआ एक आंदोलन बन चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *