सोमवार को सांसद चंद्रशेखर कोरोना काल में दर्ज हुए आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में कोर्ट में पेश हुए और वारंट रिकाल कराया। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी दौरान जिला पंचायत कार्यालय पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोरोना काल में दर्ज हुए अधिकांश मुकदमे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वापस होने थे, लेकिन सरकार ने उन पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं किए।
किसान के बेटे हैं अनुज चौधरी
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संभल सीओ अनुज चौधरी सरकार की राजनीतिक साजिश का शिकार न हो जाएं। वह किसान के बेटे है, इसलिए समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी को निभाएं। इस तरह के बयानों से बचें, जिससे सरकार को फायदा मिले। जिनके इशारे पर वह बयान दे रहे हैं, वह तो हट जाएंगे और जनता की नजरों में पार्टी बन जाएंगे। उनके पिता ने भी चिंता जताई है कि अनुज का नुकसान हो सकता है। जाने अनजाने में वह जो कर रहे हैं, उसका फायदा सरकार को हो रहा है।
भाजपा सरकार ईद पर कितना बजट और सुंदर व्यवस्था देगी, यह जरूर देखेंगे
उन्होंने कहा कि भारत धर्म निरपेक्ष देश है, यहां सब का सम्मान और विकास जरूरी है। सबका साथ और सबका विकास का दावा करने वाली भाजपा सरकार ईद पर कितना बजट और सुंदर व्यवस्था देगी, यह जरूर देखेंगे। अन्य धर्मों के त्योहारों पर सरकार क्या बजट दे रही है, इस पर भी नजर रखेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना का समर्थन किया और दलितों, पिछडों और शोषितों की लड़ाई लड़ने वाले कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग की।
पुलिस ने रवैया नहीं बदला तो आंदोलन करेंगे
बुढ़ाना से जुड़े मुकदमे पर सांसद ने कह, कि पुलिस मुकदमे वापस लेने के लिए पीड़ित पक्ष को डराने और धमकाने का काम कर रही है। यदि पुलिस ने अपना रवैया नहीं बदला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों का बिजली का बिल माफ, खाद की सब्सिडी और गन्ना मूल्य बढ़ाने का मुद्दा संसद में उठाया है। साथ ही उन्होंने सरकार से पत्रकारों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

