प्रयागराज। सिपाही और एसएससी की लिखित परीक्षा में सेंध लगाने वाले नकल माफिया सोनू यादव, उसकी पत्नी शारदा, सपा ब्लॉक प्रमुख मुजफ्फर, पूर्व रेलकर्मी धनिक लाल समेत 17 के खिलाफ नवाबगंज थाने में गैंगस्टर का मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस ने छापेमारी करते हुए गिरोह के सदस्य मनीष पटेल निवासी ढेलहा कतरौली फूलपुर, कमलेश पटेल निवासी भुवनापुर होलागढ़, वीरेंद्र पटेल निवासी भगवतीपुर होलागढ़ और निगम पटेल निवासी जमुई सोरांव को गिरफ्तार कर लिया है। कुख्यात गोतस्कर मुजफ्फर और सोनू यादव पहले से जेल में बंद हैं। पुलिस टीम बाकी आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।
नवाबगंज थाने में गैंगस्टर का मुकदमा इंस्पेक्टर अनिल कुमार मिश्रा की तहरीर पर लिखा गया है। गैंग का लीडर कटरा कौड़िहार नवाबगंज निवासी सोनू सिंह यादव को बनाया गया है, जबकि बाकी सदस्य हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को साल्वर उपलब्ध करवाकर पैसा कमाता है। लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए रंगदारी भी वसूलता है, जिस कारण इनके खिलाफ कोई गवाही नहीं देता है। अप्रैल 2024 में नवाबगंज निवासी अनिल कुमार ने शिक्षा माफिया सोनू यादव समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप लगाया था कि एसएससी द्वारा आयोजित एमटीएस की परीक्षा दो जगह दिलवाई गई और लेकिन वेरीफिकेशन के दौरान उसे पकड़ लिया गया था। पैसा वापस मांगने पर गाली-गलौज करते हुए धमकी दी गई। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई तो गिरोह के बाकी सदस्यों का नाम प्रकाश में आया। इस दौरान पता चला कि एक संगठित गिरोह है, जो विभिन्न परीक्षाओं की सुचिता को प्रभावित करते हुए धनार्जन करता है। तब इनका गैंग चार्ट तैयार करके गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया।

इन पर लगा गैंगस्टर

कौड़िहार निवासी सोनू सिंह यादव, उसकी पत्नी शारदा यादव, डीआरएम आफिस निवासी धनिक लाल मंडल, नवाबंज के अजय कुमार विश्वकर्मा, राधेश्याम यादव, शशांक यादव उर्फ प्रदीप, विवेक उर्फ बबलू, बहरिया के विजयकांत पटेल, विकास कुमार, विजय बहादुर यादव, अस्मित पटेल, फूलपुर के मनीष पटेल, सोरांव के निगम पटेल, होलागढ़ के कमलेश, वीरेंद्र पटेल, आशीष यादव और चफरी नवाबगंज निवासी ब्लाक प्रमुख मुजफ्फर के खिलाफ गैंगस्टर लगाया गया है।

झूंसी से पकड़े गए थे नौ अभियुक्त

बीते साल सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा पुलिस ने झूंसी से साल्वर विजयकांत, विकास, मनीश, अस्मित, कमलेश समेत नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें कई साल्वर और गिरोह के सदस्य थे। अभियुक्तों के कब्जे से इलेक्ट्रानिक डिवाइस, एटीएम कार्ड, वायस रिसीवर सहित कई इलेक्ट्रानिक उपकरण व नकदी बरामद हुई थी। इस मुकदमे की विवेचना आगे बढ़ी तो कई अन्य के नाम सामने आए। पुलिस का कहना है कि भर्ती परीक्षा संबंधी अलग-अलग मुकदमे लिखे गए थे, जिनमें आरोप पत्र कोर्ट में पहले ही पेश किया जा चुका है।

गोतस्कर के नाम पर मांगी थी रंगदारी

गैंग लीडर सोनू सिंह यादव पर कुख्यात गोतस्कर मुजफ्फर के लिए रंगदारी मांगने का भी आरोप है। वादी अनिल कुमार ने नवाबगंज में मुकदमा दर्ज कराया था कि सोनू ने कौड़िहार के पास उसे रोक लिया था। इसके बाद धमकाते हुए कहा था कि पांच लाख रुपये नहीं दिए तो वाराणसी जेल में बंद मुजफ्फर उसे जान से मरवा देगा। इस मुकदमे में भी आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट फाइल हो चुकी है।

अपराध से अर्जित संपत्ति होगी कुर्क

गैंगस्टर का मुकदमा कायम होने के बाद पुलिस आरोपितों की अपराध से अर्जित चल व अचल संपत्ति के बारे में पता लगाएगी। इसके बाद सभी संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि गैंग लीडर समेत अन्य ने करोड़ों रुपये अलग-अलग स्थान पर चल व अचल संपत्ति बनाई है। सभी संपत्तियों के बारे में राजस्व विभाग से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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