चंडीगढ़। विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल, शून्यकाल और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों में कई बार टकराव हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के बीच बार-बार नोकझोंक हुई तो संसदीय कार्य मंत्री महीपाल सिंह ढांडा और शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कांग्रेस विधायकों के तर्कों के साथ जवाब दिए। विधानसभा स्पीकर हरविन्द्र कल्याण को बार-बार हस्तक्षेप करते हुए विधायकों व मंत्रियों को शांत करना पड़ा।

दोनों तरफ से बैटिंग नहीं चलेगी- स्पीकर

स्पीकर के बार-बार कहने के बाद भी जब मंत्रियों व विधायकों की भिड़ंत कम नहीं हुई तो उन्हें कड़ा रुख अपनाना पड़ा। हरविन्द्र कल्याण ने कहा, दोनों तरफ से बैटिंग नहीं चलेगी, कोई अपने आप को सचिन तेंदुलकर मत समझे।
सदन में जब कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा अपनी बात कह रहे थे तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी बार-बार टोक रहे थे। इस पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को गुस्सा आ गया और बोले- मंत्री को ही बोलने दो, अशोक अरोड़ा बैठ जाएंगे।

सीएम सैनी ने संभाला मोर्चा

सीएम नायब सैनी ने चिर-परिचित अंदाज में मोर्चा संभालते कहा, हुड्डा साहब…आप नाराज ना हों। कृष्ण बेदी और अशोक अरोड़ा, दोनों के घर की दीवार मिलती है। इस बात पर सदन में माहौल खुशनुमा हो गया।

अशोक अरोड़ा ने जब शहरी निकाय चुनाव के दौरान दलितों की सीटों में कम कर दिए जाने का मुद्दा उठाया तो कृष्ण बेदी चुप बैठे थे। इस पर कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने मुद्दे को लपक लिया और कहा कि बार-बार सीट से उठने वाले मंत्री बेदी को बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने दलितों की सीटें कम क्यों की हैं।

विपुल, नागर और गौतम की तिकड़ी

विधानसभा में आजकल तीन मंत्रियों की तिकड़ी खूब चर्चा में है। ये हैं, शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर तथा खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम। इन तीनों को कई बार विधानसभा में एक सीट पर बैठे, चर्चा करते देखा जा सकता है।

विधानसभा के बाहर भी फरीदाबाद जिले में यह तिकड़ी काफी चर्चित रहती है। अक्सर तीनों एक ही कार्यक्रम में जाते हैं और तीनों के बीच आपसी समझदारी बहुत बढ़िया है। शून्यकाल और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान तीनों मंत्री एक सीट पर दिखाई देते हैं।

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