फर्रुखाबाद। बिजली विभाग एकमुश्त समाधान और आसान किस्त योजना चलाकर बकाया वसूली अभियान चला रहा है। इसी क्रम में फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव दुर्जनपुर में 30 लाख रुपये की बकायेदारी वसूलने के लिए शनिवार की दोपहर शिविर लगाया गया था। कोई बकायेदार न आने पर लाइनमैनों ने बकायेदारों के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए। इसका विरोध करते हुए ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया।
ऐसा करने से मना करने पर बिजली कर्मचारियों को घेरकर पीट दिया। शिविर में लगा कंप्यूटर व प्रिंटर तोड़ दिए और अभिलेख फाड़ दिए । समझाने पर अधिकारियों से अभद्रता की। पुलिस पहुंची तो ग्रामीण शांत हुए।
गांव में 160 लोगों के हैं बिजली कनेक्शन
गांव दुर्जनपुर में शनिवार दोपहर बिजली विभाग की टीम ने बिल का बकाया वसूलने के लिए शिविर लगाया। इस गांव को बिजली उपकेंद्र सलेमपुर से आपूर्ति दी जाती है। यहां 160 लोगों के बिजली कनेक्शन हैं। करीब 30 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया चल रहा है। इस दौरान पूरे दिन किसी बकायेदार ने अपना बकाया बिल जमा नहीं किया।
शाम को लाइनमैनों ने बकायेदारों के कनेक्शन काटने शुरू किए। इस पर ग्रामीण जमा हो गए और बिजली कनेक्शन काटने का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ युवाओं ने बिजली विभाग के लाइनमैन निरंकार, राजवीर, ब्रह्मानंद, रिंकू आदि को घेर लिया मारपीट शुरू कर दी। कुछ कर्मचारियों ने इधर-उधर भागकर जान बचाई।
कर्मचारियों पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडा से पीटा और पथराव करते हुए शिविर में लगे उपकरण तोड़ दिए। कर्मचारियों ने घटना की सूचना उपखंड अधिकारी सुजीत कुमार को सूचना दी तो वह अन्य कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने इनसे भी अभद्रता शुरू कर दी तो पुलिस बुलाई गई। सरह चौकी से पहुंचे पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों के चंगुल से कर्मचारियों को छुड़ाया।
चार बार लगाया जा चुका है कैंप
उपखंड अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि इस गांव में बकाया वसूलने के लिए पहले भी चार बार कैंप लगाया जा चुका है, लेकिन किसी ने कोई बकाया नहीं जमा किया। टीम को भेजा गया था, लेकिन किसी ने बकाया नहीं जमा किया। कनेक्शन काटना शुरू किए तो टीम पर हमला कर दिया गया।
उपखंड अधिकारी सुजीत कुमार, प्रभारी अवर अभियंता शिवम तिवारी, अवर अभियंता हरिओम सिंह की ओर से नीरज यादव, प्रियांशु, हिमांशु, लल्ला बाबू, जेपी, राजू, सोनू, मोहित को नामजद करते हुए फतेहगढ़ कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी सत्यप्रकाश ने कहा कि फोन से घटना की जानकारी दी गई थी। फोर्स भेजा गया था। तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।