रोहतक। मणिपुर में नक्सलियों के हमले में रोहतक के किलोई गांव के रहने वाले सेना का जवान बलिदान हो गया। बलिदानी का पार्थिव शरीर मंगलवार को गांव किलोई लाया जाएगा और जहां उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। गांव किलोई निवासी करीब 45 वर्षीय सुनील पहलवान बीएसएफ में तैनात थे। जिन्होंने करीब 18 साल पहले बीएसएफ में भर्ती हुए थे। फिलहाल उनकी ड्यूटी मणिपुर में थी।

15 दिन पहले खत्म हुई थी छुट्टी

सुनील पहलवान के दोस्त गांव किलोई निवासी धर्मबीर ने बताया कि उनका दोस्त 15 दिन पहले ही छुट्टी खत्म करके वापस ड्यूटी पर गया था। 22 दिसंबर को उन्हें सूचना मिली कि सुनील पहलवान बलिदान हो गया। सूचना के अनुसार वह सुबह के समय ड्यूटी पर था। इसी दौरान नक्सलियों ने हमला कर दिया, जिसमें और उनका दोस्त सुनील पहलवान बलिदान हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिवार व गांव में मातम छा गया।

दो बेटियों के पिता थे बलिदानी सुनील

उनके दोस्त धर्मबीर ने बताया कि बलिदानी सुनील पहलवान दो बेटियों के पिता थे। हमेशा खुशमिजाज रहते थे। सुनील बचपन से ही पहलवानी का शौक रखते थे। गांव में सभी लोग उन्हें पहलवान कहकर पुकारते थे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया जताया शोक

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा कि किलोई के वीर सपूत सुनील पहलवान की मणिपुर में शहादत की खबर से मन व्यथित है। कर्तव्यपालन करते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले बलिदानी को सादर श्रद्धांजलि व परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

दीपेंद्र बोले-पूरा देश शहीद के परिवार के साथ

रोहतक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा कि मणिपुर में बीएसएफ के सुनील ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी शहादत को विनम्र श्रद्धांजलि व परिवार के प्रति गहरी शोक संवेदनाएं प्रकट करता हूं। दुःख की इस घड़ी में पूरा देश अपने बलिदानी के परिवार के साथ एकजुट खड़ा है।

मणिपुर में जारी है हिंसा

मणिपुर में अभी तक हिंसा का दौर जारी है। हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच मणिपुर सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया।मणिपुर पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ये अभियान क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए चलाए गए थे।

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