हत्या के लिए दस लाख रुपये देने का किया था वादा
शिवा ने बताया कि वह और दूसरा शूटर धर्मराज एक ही गांव के रहने वाले हैं। वह मुंबई में कबाड़ का कारोबार करता था। उसकी व शुभम लोनकर की दुकानें अगल-बगल थीं। शुभम ने उसकी बात स्नैप चैट के जरिये लारेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से कराई थी। हत्या के लिए दस लाख रुपये देने का वादा किया था। साथ ही कहा था कि हत्या के बाद भी हर माह कुछ न कुछ राशि मिलती रहेगी। उसने बताया कि हत्या के लिए शुभम व यासीन ने उसे हथियार, मोबाइल फोन व सिम उपलब्ध करवाए थे। हत्या के बाद बात करने के लिए अलग मोबाइल फोन व सिम भी दिए गए थे।
दशहरे के दिन की गई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या
दशहरे के दिन 12 अक्टूबर को तीन शूटरों ने गोलियां मारकर बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी थी। हत्या में आस्ट्रेलिया निर्मित पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने दो आरोपित धर्मराज कश्यप व गुरमेल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शिवा भाग कर बहराइच आ गया था। गिरफ्तार आरोपितों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने बाबा सिद्दीकी की हत्या लारेंस बिश्नोई के इशारे पर की थी।
महाराष्ट्र निवासी शुभम लोनकर व पंजाब के जालंधर निवासी मोहम्मद यासीन अख्तर शूटरों के हैंडलर थे। इन्होंने ही शूटरों को बाबा सिद्दीकी की लोकेशन व हत्या के लिए हथियार उपलब्ध करवाए थे। गिरफ्तार दोनों शूटरों ने पुलिस को शिवा के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद मुंबई पुलिस ने शिवा की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ से सहयोग मांगा था। मुंबई क्राइम ब्रांच की एक टीम ने लखनऊ आकर एसटीएफ के साथ शिवा की लोकेशन की जानकारी एकत्र की थी। शिवा की लोकेशन बहराइच के नानपारा में मिली थी। एसटीएफ को जानकारी मिली थी वह नेपाल भागने की फिराक में है। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने उसे नानपारा से गिरफ्तार कर लिया।

