देवबंद बना हवाला कारोबार का गढ़, पुलिस खामोश ?
-विदेश में बैठे हवाला कारोबारी, गांव गांव फैले एजेंट
-हवाला के काले कारोबार में महिलाएं तक भी शामिल
सहारनपुर, देवबंद।
उत्तर प्रदेश का देवबंद कस्बा भारत के अंदर हवाला कारोबार का सबसे बड़ा हब बन कर उभरा है। विदेशों में बैठे हवाला कारोबारियों द्वारा अपने गुर्गों के माध्यम से देवबंद में हर माह हवाला के करोड़ों रुपए खुफिया एजेंसियों की नाक नीचे भिजवाए जा रहे हैं। जिसके चलते हवाला कारोबार देवबंद व विभिन्न क्षेत्रों में दिनोंदिन फल फूलता जा रहा है।
देवबंद के अंदर हर महीने सऊदी अरब, दुबई समेत अन्य देशों से करोड़ों रुपए हवाला के जरिए पहुंच रहे हैं। बताया कि दिल्ली में बैठे हवाला के बड़े कारोबारी अपने गुर्गों के माध्यम से देवबंद में हवाला का पैसा पहुंचा रहे हैं। उक्त पैसे से आसपास के किसानों से भू माफिया जमीन खरीद कर ब्लैक मनी को वाइट करने में लगे हुए हैं। जो लोग हवाला के कारोबार से जुड़े हैं और कुछ ही समय में उन लोगों ने अपने पास अचूक संपत्ति एकत्रित कर ली है। हवाला कैसे काले कारोबार की भनक खुफिया एजेंटीयों तक को नहीं है। लेकिन विगत कई वर्षों से हवाला का काला कारोबार देवबंद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में आज भी जारी है। सूत्रों की माने तो विदेश में बैठे लोग हवाला के जरिए मोटी रकम देवबंद क्षेत्र में पहुंचते हैं और फिर उसे पैसे से जमीन खरीद व फ्लोटिंग का कार्य शुरू किया जाता है। जिसके चलते काली कमाई को बड़े ही आसानी से सफेद कर दिया जाता है। आंकड़ों पर गौर करें तो देवबंद क्षेत्र के कुछ गांव में बड़े स्तर पर हवाला का पैसा पहुंच रहा है जिसका लेखा-जोखा ना तो आयकर विभाग के पास है और ना ही सरकार के पास। विदेश में बैठे लोग कुछ हवाला कारोबारी के जरिए बड़े ही आराम से पैसे को अपनी मंजिल तक पहुंचा रहे हैं। सूत्रों की माने तो अकेले देवगन क्षेत्र में हर महा करोड़ों रुपए का हवाला का पैसा पहुंचा जाता है। उच्च क्षेत्र में तो महिलाएं भी इस काले धंधे में शामिल है।
वर्ष 2020 में सहारनपुर एटीएस ने मेरठ के पास देवबंद निवासी कुछ युवकों को गिरफ्तार किया था। जिनके पास से इतिहास ने करीब 65 लाख रुपए की नगद रकम बरामद की थी। एटीएस के मुताबिक उक्त बरामद रकम को देवबंद के 22 खातों में डाला जाना था। उक्त मोटी रकम को भी हवाला के जरिए ही भारत पहुंचा गया था। देवबंद क्षेत्र में कुछ हवाला कारोबारी ने तो कुछ समय में ही अचूक संपत्ति बना ली है लेकिन खुफिया एजेंसी को आज तक भी इसकी कानों कान खबर नहीं है।
ऐसे चलता है हवाला का कारोबार
सूत्रों की माने तो हवाला का काला कारोबार सऊदी अरब, दुबई में बैठे कुछ लोग भारत में अपने एजेंट के माध्यम से करते हैं। सोने के बिस्कुट और अलग-अलग खातों में पैसों को पहुंचाया जाता है। इसके बाद हवाला कारोबारी कुछ पर्सेंट कमीशन पर पैसे को उसकी मंजिल तक पहुंचा देते हैं। इतना ही नहीं देवबंद में ज्यादातर हवाला का पैसा जमीन खरीद प्राप्त के कार्यों में लगाया जा रहा है जिसके चलते चारों ओर और अनाधिकृत कालोनियां भी काटी जा रही है।
जन सेवा केंद्र को भी बनाया जा रहा है माध्यम
देहात क्षेत्र में हवाला का काला पैसा पहुंचाने के लिए जन सेवा केदो को भी माध्यम बनाया जा रहा है। जिसके तहत विदेशों में बैठे लोग जन सेवा केंद्र के खातों में पैसा डालते हैं और फिर जन सेवा केंद्र मालिक कुछ पर्सेंट कमीशन पर पैसे को लोगों को दे देते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इसे हांडी का पैसा भी बोला जाता है।
प्रशांत त्यागी

