पुलिस ने आरोपियों को पकड़ कर छोड़ा, नहीं की कोई कार्यवाई
सहारनपुर/देवबंद
जनपद सहारनपुर के थाना देवबंद इलाके में वन्य जीव क्रूरता का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस चौंकी राजपुर इलाके के गांव रणसुआ में कछवा तस्करों ने कछुए के साथ अमानवीय हरकत की है। तस्करों ने ज़िंदा कछुए को न सिर्फ आग में जला दिया है बल्कि उसको पका कर खा गए हैं। हद तो उस वक्त हो गई जब तस्करों ने कछुए को जलाने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो राजपुर पुलिस ने तस्करों के साथ सांठगांठ कर मामले को दबा दिया। इस बाबत जब पुलिस चौंकी इंचार्ज खूब सिंह से बात की गई तो उन्होंने आरोपियों के खिलाफ महज 151 की धारा में मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।
आपको बता दें कि शनिवार की सुबह आकाश कुमार नाम के युवक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर रील लगाईं थी। जिसमे कुछ लोग ज़िंदा कछुए को जला रहे हैं। कछुए को ज़िंदा जलाने की वीडियो पुलिस तक पहुंची तो पुलिस ने तहकीकात कर फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करने वाले युवक तक पहुंच गई। पुलिस पूछताछ में युवक ने अपने साथियों के नाम उगल दिए। जिसके बाद चौंकी राजपुर पुलिस ने मामले में खेला कर दिया। पुलिस कछुआ तस्करों को उठाकर कर चौंकी तक तो ले आयी लेकिन उन्हें बिना किसी कार्यवाई के ही छोड़ दिया। जबकि पुलिस के पास कछुआ को जलाने के साक्ष्य मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक़ थाना देवबंद इलाके के गांव रणसुआ निवासी कछुआ तस्करों का कछुए को आग में जलाते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

सजा 7 साल की पुलिस ने मामूली धाराओं में किया चालान
वीडियों में कई लोग बेजुबान कछुए के साथ क्रूरता करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो देखकर हर किसी का दिल दहल जाएगा। इतना ही नहीं ईंटो के चूल्हे पर रख कर उसके निचे आग जलाई हुई है। एक युवक कछुए को पैरों से आग के ऊपर घुमा रहा है। मौके पर मौजूद लोग कछुए को आग में भून कर खा गए हैं। जो न सिर्फ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन अधिनियम 1972 के तहत कानूनन अपराध है बल्कि कछुए को पकड़ने, मारने और खाने पर सात साल की सजा का प्रावधान है। बावजूद इसके देवबंद पुलिस ने कछुए को जलाने वाले लोगों पर महज 151 की कार्यवाई कर मामले को रफादफा कर दिया है।
वर्जन…
आरोपियों को शांति भंग की धाराओं में जेल भेजा गया है, अब पूरे मामले में वन्य जीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई होगी।
अशोक सिसोदिया, सीओ देवबंद।
प्रशांत त्यागी

