एटीएस ने दो दिन पूर्व किया था गिरफ्तार,मानव तस्करी से जुड़ा पूरा मामला 20 करोड रुपए की फंडिंग के भी मिले सबूत
प्रशांत त्यागी, देवबंद। संवाददाता
एटीएस द्वारा देवबंद से गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिक आदिल मोहम्मद असरफी उर्फ आदिलुर्रहमान ने पूछताछ में मानव तस्करी को लेकर कई राज उगले हैं। बांग्लादेश व बंगाल के कई गिरोह मिलकर बांग्लादेशी नागरिकों को यहां स्थापित कर रहे हैं। आदिल से मिली जानकारी के बाद एटीएस मानव तस्करी के बड़े सिंडिकेट का राजफाश कर सकता है। पूरे मामले में 20 करोड रुपए की फंडिंग के भी सबूत एटीएस को मिले हैं। दिल्ली निवासी अबू सोलह द्वारा देवबंद से गिरफ्तार आदिलुर्रहमान को अलग-अलग तरीकों में 20 करोड रुपए हवाला के जरिए भेजे गए थे।

आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) द्वारा गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिक आदिल मोहम्मद असरफी उर्फ आदिलुर्रहमान ने पूछताछ में मानव तस्करी को लेकर कई राज उगले हैं। बांग्लादेश व बंगाल के कई गिरोह मिलकर बांग्लादेशी नागरिकों को यहां स्थापित कर रहे हैं। आदिल से मिली जानकारी के बाद एटीएस मानव तस्करी के बड़े सिंडिकेट का राजफाश कर सकता है। एटीएस ने गुरुवार को वाराणसी से बांग्लादेशी नागरिक आदिल मोहम्मद असरफी उर्फ आदिलुर्रहमान को गिरफ्तार किया था। इससे पूछताछ के बाद देवबंद में रह रहे बंगाल के शेख नजीबुल हक व अबु हुरायरा गाजी को भी गिरफ्तार किया गया था।

दोनों लंबे समय से देवबंद (सहारनपुर) में रह रहे थे। इन्हें रिमांड पर लेने के बाद एटीएस की टीम ने मानव तस्करी से जुड़ी कई जानकारियां उगलवाई हैं। बंगाल के एक दर्जन से ज्यादा लोग इस गिरोह के साथ जुड़े हैं। इनके संपर्क बांग्लादेश में मानव तस्करी का काम करने वालों के साथ हैं।
बांग्लादेश से भारत भेजने के लिए तीन से पांच लाख रुपये लिए जाते हैं। धनराशि मिलने के बाद इन लोगों को बंगाल में सक्रिय गिरोह के सदस्यों के पास भेज दिया जाता है। इन्हें दो माह तक वहीं रखा जाता है। उसी दौरान इनके फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए जाते हैं।
रिपोर्ट प्रशांत त्यागी

