मित्रता की मिसाल: 26 साल बाद फिर मिले बचपन के यार, नैनीताल की वादियों में लौटी वही हंसी और वही यारी
रुद्रपुर। कहते हैं सच्ची दोस्ती समय और दूरी की मोहताज नहीं होती। वक्त कितना भी बदल जाए, बचपन के दोस्तों के साथ बिताए पल हमेशा दिल के करीब रहते हैं। ऐसी ही दोस्ती की मिसाल देखने को मिली, जब उत्तराखंड के रुद्रपुर जनपद के नानकपुरी टांडा स्थित हॉस्टल में कभी साथ पढ़ने वाले बचपन के दोस्त करीब 26 साल बाद एक बार फिर एक साथ नजर आए।
26 साल के लंबे अंतराल के बाद जब पुराने दोस्त नैनीताल की खूबसूरत वादियों में एक रिसॉर्ट में मिले तो ऐसा लगा मानो समय पीछे लौट गया हो। चेहरे जरूर बदल गए थे, जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं और जिंदगी ने सभी को अलग-अलग मुकाम तक पहुंचा दिया था, लेकिन दोस्तों के बीच वही पुरानी हंसी, वही अपनापन और वही बेफिक्री देखने को मिली।
इन दोस्तों में कोई सरकारी अधिकारी बना, कोई सफल कारोबारी, कोई ठेकेदार तो कोई खेती-किसानी से जुड़कर अपना मुकाम बना चुका है। चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले दोस्तों ने अपनी व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर इस खास मिलन को यादगार बनाने का फैसला किया।
बताया गया कि इस मिलन की योजना पिछले कई वर्षों से व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से बनाई जा रही थी। कई बार योजना बनी, लेकिन अलग-अलग व्यस्तताओं के चलते मुलाकात नहीं हो सकी। आखिरकार इस बार सभी दोस्त एक साथ जुटे और 26 साल पुरानी दोस्ती को फिर से जीने का मौका मिला।
नैनीताल पहुंचते ही दोस्तों ने एक-दूसरे से मुलाकात की तो पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं। बातचीत में हॉस्टल के किस्से, स्कूल के दिन, पुरानी शरारतें और साथ बिताए पल फिर से चर्चा का हिस्सा बन गए। माहौल इतना खुशनुमा रहा कि सभी ने अपने वर्तमान पद, जिम्मेदारियों और सामाजिक हैसियत को भुलाकर खुद को फिर से वही पुराने स्कूली दोस्तों के रूप में महसूस किया।
पीलीभीत के पूरनपुर निवासी और इस ट्रिप में शामिल सोनू छीना ने मुस्कुराते हुए बताया कि 26 साल में सभी की शक्ल-सूरत काफी बदल गई है। किसी के बाल और दाढ़ी सफेद हो गए हैं तो किसी का वजन बढ़ गया है, लेकिन जब सभी दोस्त एक-दूसरे से गले मिले तो ऐसा लगा जैसे बचपन के दिन फिर लौट आए हों। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद दोस्तों से मिलना बेहद भावुक और यादगार अनुभव रहा।
दो दिनों की इस खास ट्रिप में दोस्तों ने जमकर मस्ती की। हंसी-मजाक, पुराने किस्से, यादों को साझा करने के साथ नैनीताल की खूबसूरत वादियों का आनंद लिया गया। ट्रिप में शामिल न हो पाने वाले दोस्तों को भी मजाकिया अंदाज में याद किया गया। दोस्तों के बीच ऐसा अपनापन देखने को मिला कि वर्षों की दूरी भी कुछ ही घंटों में खत्म होती नजर आई।
इस दौरान चंडीगढ़ से पहुंचे भारत सरकार में सलाहकार डॉ. बलजीत सिंह ने भी अपने अंदाज में दोस्तों के साथ हंसी-मजाक और शेरो-शायरी का माहौल बनाया। दोस्तों के इस खास मिलन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
इस यादगार मुलाकात में दोस्ती और बीते दिनों की यादों को बयां करती शायरी ने माहौल को और भावुक बना दिया। दोस्तों ने पुराने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि जिंदगी में कामयाबी और जिम्मेदारियां अपनी जगह हैं, लेकिन बचपन की दोस्ती और साथ बिताए पल हमेशा खास रहते हैं।
दो दिनों की मस्ती और ढेर सारी यादें समेटने के बाद जब सभी दोस्त अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे तो विदाई का पल भावुक हो गया। 26 साल बाद मिले इन दोस्तों की आंखों में खुशी के साथ बिछड़ने की नमी भी दिखाई दी।
इस दोस्ती की कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय बदल सकता है, उम्र बढ़ सकती है, चेहरे बदल सकते हैं, लेकिन सच्ची दोस्ती का रिश्ता दिल में हमेशा वैसा ही रहता है। 26 साल बाद हुआ यह मिलन सिर्फ दोस्तों की मुलाकात नहीं, बल्कि बचपन की यादों को फिर से जीने का खूबसूरत अवसर बन गया।
26 साल की दूरी, लेकिन दोस्ती आज भी वही—वही हंसी, वही यारी और वही अपनापन। ❤️🤝
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