राष्ट्रीय लोकदल ने चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव नियुक्त

बागपत/बड़ौत। राष्ट्रीय लोकदल ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसानों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ किसान नेता एवं समाजसेवी चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर को किसान प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति को संगठन में अनुभवी, जमीनी और किसान हितैषी नेतृत्व को आगे बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्रीय लोकदल किसान प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किए जाने पर चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर ने राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी तथा किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलजीत सिंह गिल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है, जिसका वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।

चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर का सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन चार दशकों से भी अधिक समय तक फैला हुआ है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1982 में जाट कॉलेज, बड़ौत से की, जहां छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उन्होंने छात्र नेतृत्व में अपनी अलग पहचान बनाई। युवावस्था से ही समाज और जनहित के विषयों को लेकर उनकी सक्रियता ने उन्हें एक प्रभावशाली जननेता के रूप में स्थापित किया।

वर्ष 1988 में छपरौली विधानसभा उपचुनाव के दौरान उन्होंने जनता दल के प्रत्याशी नागेंद्र सिंह के चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। इसी दौर में उनका राजनीतिक सफर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं देश के प्रमुख किसान नेता चौधरी अजित सिंह के साथ शुरू हुआ। चौधरी अजित सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने किसानों, युवाओं तथा ग्रामीण समाज से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया और संगठनात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कृषि क्षेत्र में भी चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर का अनुभव अत्यंत समृद्ध रहा है। वर्ष 1990 से 1995 तक उन्होंने इंडो-कनाडियन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में कृषि वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, उत्पादन बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया। किसानों के बीच उनकी कार्यशैली और कृषि संबंधी ज्ञान को व्यापक सम्मान मिला तथा अनेक किसानों ने उनके प्रयासों से नई तकनीकों को अपनाकर लाभ प्राप्त किया।

राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए वे युवा जनता दल में महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 1997 में उन्होंने इंडियन सोसाइटी फॉर सेल्फ एम्प्लॉयमेंट एंड ट्रेनिंग के माध्यम से स्वरोजगार, कौशल विकास, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक कार्यक्रम संचालित किए। उनके इन प्रयासों से युवाओं, किसानों और ग्रामीण वर्ग को लाभ मिला तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला।

चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर लंबे समय से किसान हितों, ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं। क्षेत्र के किसान उन्हें एक ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में देखते हैं जो किसानों की समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए लगातार संघर्ष करते हैं। यही कारण है कि उनकी नियुक्ति को किसान वर्ग के बीच सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल हमेशा किसान, मजदूर और ग्रामीण समाज की आवाज़ बनकर कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे तथा किसानों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के हितों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का कार्य करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने, किसानों को पार्टी की नीतियों से जोड़ने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आज खेती और किसान कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में किसानों के हितों की रक्षा, उनकी आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय लोकदल की विचारधारा किसानों और गांवों के विकास पर आधारित रही है और वह इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।

राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में लंबे अनुभव, किसान हितों के प्रति प्रतिबद्धता और संगठनात्मक क्षमता रखने वाले चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर की यह नियुक्ति राष्ट्रीय लोकदल के किसान प्रकोष्ठ को नई ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं और किसान समुदाय में उनकी नियुक्ति को लेकर उत्साह का माहौल है तथा इसे किसानों की मजबूत भागीदारी और जमीनी नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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