चरथावल क्षेत्र में डेयरी कारोबार पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा, तीन ठिकानों पर घंटों चली छापेमारी

7 नमूने जांच को भेजे, 15 किलो पामोलिन तेल कराया नष्ट, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

Rajsatta Post |असलम त्यागी

मुज़फ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र में डेयरी उत्पादों में मिलावट और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बाद रविवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने चरथावल क्षेत्र में संयुक्त रूप से बड़ा छापेमारी अभियान चलाया। सहारनपुर मंडल के अपर आयुक्त रमेश यादव, खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा एसडीएम सदर प्रवीण द्विवेदी के नेतृत्व में चली कार्रवाई से डेयरी कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई घंटे तक चली जांच के दौरान गांवों में हलचल रही और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।

खाद्य विभाग को क्षेत्र में मावा, पनीर, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रविवार को ही विशेष अभियान चलाया गया। सबसे पहले टीम ग्राम चौकड़ा पहुंची, जहां मेहताब डेयरी पर जांच की गई। यहां से मिश्रित दूध का नमूना लेकर उसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।

इसके बाद अधिकारियों की टीम ग्राम कुटेसरा पहुंची। यहां अब्दुल रहमान के प्रतिष्ठान पर जांच के दौरान रिफाइंड पामोलिन ऑयल का नमूना लिया गया। अधिकारियों के अनुसार मौके पर लगभग 15 किलोग्राम रिफाइंड पामोलिन तेल मिला, जिसके पनीर निर्माण में उपयोग किए जाने का संदेह था। तेल अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा हुआ पाया गया। खाद्य कारोबारी की सहमति से उक्त तेल को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। नष्ट किए गए तेल की अनुमानित कीमत 2,808 रुपये बताई गई है।

कुटेसरा में ही ओसाफ त्यागी के प्रतिष्ठान पर भी खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच की। यहां से पनीर, खोया, दही, घी तथा सप्रेटा दूध के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को नियमानुसार सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया।

कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग की टीम को नकली मावा तैयार किए जाने की सूचना भी मिली। इस सूचना पर अधिकारियों ने एक मकान पर छापेमारी की। बताया गया कि टीम के पहुंचते ही मकान मालिक ने खुद को मकान के अंदर बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खोले जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने ताला तुड़वाकर अंदर प्रवेश किया। जांच के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में फ्रीज किया हुआ मावा मिला, जिसके संबंध में आवश्यक जांच-पड़ताल की गई।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान कुल सात नमूने संग्रहित किए गए हैं। सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे चरथावल क्षेत्र में डेयरी कारोबारियों के बीच हलचल का माहौल बना रहा। वहीं आम लोगों ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग की इस कार्रवाई को सराहनीय बताया। अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी वैभव शर्मा एवं पूनम कुमारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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