Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की अटकलों से बिहार में सियासी हलचल तेज
अनुज त्यागी
पटना: बिहार की राजनीति इस वक्त बड़े मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक वे जेडीयू की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं और नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं। हालांकि पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
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जानकारी के अनुसार, पार्टी और सहयोगी दलों के स्तर पर उन्हें मनाने की कोशिशें की गईं, लेकिन वे अपने फैसले पर कायम बताए जा रहे हैं। अगर वे राज्यसभा जाते हैं तो यह सिर्फ एक संसदीय बदलाव नहीं होगा, बल्कि बिहार की सत्ता संरचना में भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नीतीश कुमार पद छोड़ते हैं तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? एनडीए के भीतर संभावित नामों को लेकर चर्चा तेज है। बीजेपी खेमे से Samrat Choudhary का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai, विधायक संजीव चौरसिया और एमएलसी जनक राम भी चर्चा में हैं। हालांकि इन नामों पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि सत्ता संतुलन के तहत मुख्यमंत्री पद बीजेपी के पास जा सकता है, जबकि जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद मिल सकता है।
निशांत कुमार की एंट्री?
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार के पुत्र Nishant Kumar को सक्रिय राजनीति में लाया जा सकता है। कुछ जेडीयू नेताओं ने संकेत दिए हैं कि पार्टी चाहती है कि वे राजनीति में भूमिका निभाएं। हालांकि उन्हें कोई पद मिलेगा या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा।
जेडीयू के भीतर असहमति
पार्टी के अंदर से भी मिश्रित संकेत मिल रहे हैं। कुछ वरिष्ठ नेता और मंत्री चाहते हैं कि नीतीश कुमार फिलहाल बिहार का नेतृत्व जारी रखें। उनका मानना है कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में नेतृत्व परिवर्तन से संदेश अलग जा सकता है।
विपक्ष के तीखे सवाल
विपक्षी दलों ने इस संभावित फैसले पर सवाल उठाए हैं। आरजेडी नेताओं ने इसे बीजेपी की रणनीति करार दिया है, जबकि अन्य नेताओं ने जनादेश का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं।
फिलहाल सबकी नजर जेडीयू की आधिकारिक घोषणा और संभावित नामांकन पर टिकी है। अगर यह फैसला होता है, तो बिहार की राजनीति में नई समीकरणों की शुरुआत तय मानी जा रही है।
इन सब खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस खबर को होली खबर बताया है
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