Anuj Tyagi
विकसित भारत के नाम पर बजट दिशाहीन और निराशाजनक: पंकज मलिक
चरथावल। समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक ने कहा कि संसद में भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट, जिसे “विकसित भारत” का बजट कहा जा रहा है, वास्तव में दिशाहीन, अपर्याप्त और घोर निराशाजनक है। यह बजट आमजन की वास्तविक आशाओं और उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने कहा कि भारत एक किसान और कृषि प्रधान देश है, इसके बावजूद बजट में किसानों, मजदूरों, श्रमिकों, पिछड़ों, वंचितों और महिलाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं दी गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसान, मजदूर, युवा, पिछड़े, दलित और महिलाओं के हितों की अनदेखी कर यह बजट तैयार किया गया है।
पंकज मलिक ने कहा कि जब बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, तब जनता सरकार से राहत की उम्मीद कर रही थी, लेकिन इस बजट से समाज का प्रत्येक वर्ग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह बजट जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है।

