Anuj Tyagi
रामपुर जेल में बंद आज़म ख़ान की बिगड़ी सेहत, परिवार ने की मुलाक़ात
रामपुर जेल में निरुद्ध समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म ख़ान की तबीयत को लेकर चिंता जताई जा रही है। सोमवार को उनकी सेहत का हाल जानने के लिए परिवार के सदस्य जेल पहुंचे और उनसे मुलाक़ात की।
पत्नी तंजीम फातिमा, बेटे अदीब आज़म और आज़म ख़ान की बहन सोमवार को रामपुर जिला कारागार पहुंचीं। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाक़ात के दौरान परिवार ने आज़म ख़ान से बातचीत की। जेल से बाहर निकलने के बाद तंजीम फातिमा ने संक्षिप्त रूप से कहा कि आज़म ख़ान की तबीयत पहले से ही ठीक नहीं है और जेल में हालत और बिगड़ी है।
हालांकि इस दौरान उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म से मुलाक़ात नहीं हो सकी। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मीडिया के सवालों से दूरी बनाए रखी।
पैन कार्ड मामलों में काट रहे हैं सज़ा
आजम ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म इस समय दो अलग-अलग पैन कार्ड मामलों में रामपुर जेल में बंद हैं। 17 नवंबर 2025 को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में सात-सात साल की सजा और जुर्माना सुनाया था। सजा के ऐलान के बाद दोनों को तत्काल हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
यह आज़म ख़ान के लिए कुछ ही हफ्तों की राहत के बाद एक बार फिर जेल वापसी थी। इससे पहले वह करीब 23 महीने तक सीतापुर जेल में बंद रहने के बाद जमानत पर बाहर आए थे।
लंबा कानूनी सफर
रामपुर से नौ बार विधायक रह चुके आज़म ख़ान पर सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी है, जबकि कुछ अभी भी न्यायालय में विचाराधीन हैं। उनके परिजनों का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
पार्टी गतिविधियों से दूरी के संकेत
जेल मुलाक़ात के दौरान किसी भी स्थानीय समाजवादी पार्टी नेता की मौजूदगी नहीं दिखी। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़ हैं कि स्थानीय स्तर पर पार्टी संगठन उनसे दूरी बनाए हुए है।
फिलहाल आज़म ख़ान और उनके परिवार की नजरें आगे की कानूनी प्रक्रिया और स्वास्थ्य को लेकर आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

