गन्ना क्रय केंद्रों की जांच न होने से किसान परेशान, किसान स्वाभिमान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. अमरीश राणा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
गन्ना समिति सचिवों को निरीक्षण का अधिकार दिए जाने की मांग की
मुजफ्फरनगर जनपद के विकास खण्ड चरथावल के ग्राम बिरालसी निवासी किसान स्वाभिमान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. अमरीश राणा ने किसानों की समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने गन्ना पेराई सत्र 2025–26 की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है।
ठा. अमरीश राणा ने बताया कि गन्ना पेराई सत्र को दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद गन्ना क्रय केंद्रों की जांच की स्थिति संतोषजनक नहीं है। विगत वर्षों में जहां लगभग 90 प्रतिशत क्रय केंद्रों की जांच समय पर हो जाती थी, वहीं इस वर्ष अब तक प्रदेश मे 15 प्रतिशत से भी कम केंद्रों की जांच हो पाई है, जो किसानों के लिए चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि जब क्रय केंद्रों पर घटतौली या अन्य अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती हैं, तो किसान सबसे पहले गन्ना समिति सचिव से संपर्क करते हैं। लेकिन सचिव जांच करने में असमर्थता जताते हुए डिप्टी को बुलाने की सलाह देते हैं। डिप्टी की व्यस्तता के कारण जांच समय पर नहीं हो पाती, जिससे किसानों की शिकायतें अनसुनी रह जाती हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
पत्र में मांग की गई है कि गन्ना समिति सचिव को गन्ना क्रय केंद्रों की जांच का अधिकार दिया जाए। इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा। ठा. अमरीश राणा का कहना है कि सचिव किसानों के सीधे संपर्क में रहते हैं और उनके हितैषी भी होते हैं, इसलिए उन्हें यह अधिकार मिलने से किसानों को न्याय मिल सकेगा। किसान स्वाभिमान एसोसिएशन ने सरकार से इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है, ताकि गन्ना किसानों को राहत मिल सके और पेराई सत्र निष्पक्ष एवं सुचारू रूप से संचालित हो।


