चरथावल क्षेत्र में खुलेआम दौड़ रहे ओवरलोड गन्ने के ट्राले, प्रशासन मौन।

असलम त्यागी
मुज़फ्फरनगर/ चरथावल: कहीं लगा लो गुहार, नहीं होगा सुधार …यह पंक्ति चरथावल क्षेत्र की सड़कों की हकीकत बयां करती है। देवबंद समेत आसपास की चीनी मिलों के ओवरलोड गन्ना ट्राले और ट्रक खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे नई-नई बनी सड़कों की हालत बिगड़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी केवल शुगर मिलों को पत्र लिखने तक ही सीमित हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई का अभाव है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि हर साल ऐसे ओवरलोड वाहनों से अनेक हादसे घटित हो रहे हैं। पिछले वर्ष भी कई लोगों की जानें इन अवैध रूप से दौड़ते वाहनों की चपेट में आ चुकी हैं।
घनी बस्तियों से होकर गुजरते ये भारी वाहन न केवल सड़कों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, बल्कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुके हैं। प्रशासन की चेतावनी और जनता की बार-बार की मांगों के बावजूद ओवरलोड गन्ना वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है।
क्षेत्र के लोगों ने सवाल उठाया है — आखिर किसकी शह पर दौड़ रहे हैं ये अवैध ओवरलोड वाहन?
जनता का कहना है कि यदि जल्द ही इन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
क्षेत्रवासियों की गुहार:
“हमने कई बार प्रशासन से अवरुद्ध वाहनों पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब तो डर है कि कब किसी और परिवार को ऐसी लापरवाही का शिकार होना पड़े।”
नई सड़कों को उखाड़ते और लोगों की जान जोखिम में डालते ये ओवरलोड गन्ना वाहन प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्षेत्र की जनता की यह पुकार आखिरकार कब और कौन सुनता है।

