
सहारनपुर। एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (एपीआई) सहारनपुर शाखा द्वारा शनिवार को अम्बाला रोड स्थित एक होटल में एक महत्वपूर्ण सीएमई (कंटीन्युअस मेडिकल एजुकेशन) सेमिनार आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में मोटापे और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों पर चर्चा हुई और नई दवा सिमाग्लूटाइड (Semaglutide) के प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मेरठ के प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अमित रस्तोगी और देहरादून के सिनर्जी अस्पताल के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमर पाल गुलाटी रहे। उन्होंने बताया कि मोटापा केवल शरीर की बनावट को नहीं बिगाड़ता बल्कि यह डायबिटीज, हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों की जड़ भी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि अब भारत में विश्व स्तर पर चर्चित नई दवा सिमाग्लूटाइड उपलब्ध है, जो मोटापे को औसतन 20 प्रतिशत तक कम करने में मदद करती है। यह दवा न केवल वजन घटाने में उपयोगी है, बल्कि भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से भी बचाव कर सकती है। मेडिकल कॉलेज की जूनियर रेजिडेंट डॉ. नितिया ने कॉलेज के एक मरीज का उदाहरण देते हुए इस दवा के प्रभाव को साझा किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एपीआई सहारनपुर के चेयरपर्सन डॉ. प्रवीण चावला ने की। वैज्ञानिक सचिव डॉ. संजीव मिगलानी ने वक्ताओं का परिचय देते हुए विषय की महत्ता पर प्रकाश डाला। सेमिनार में एपीआई सचिव डॉ. अंकुर उपाध्याय, कोषाध्यक्ष डॉ. विकास अग्रवाल सहित डॉ. सुरदर्शन नागपाल, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. रजनीश दहूजा, डॉ. संजय कपिल, डॉ. ए.के. जैन, डॉ. नैना मिगलानी, डॉ. रचना चावला, डॉ. परवीन मित्तल, डॉ. अतुल जैन, डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. नीलम गर्ग, डॉ. रजनीश सिंघल, डॉ. रेनू सिंघल और डॉ. सौम्या जैन सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ और उपस्थित चिकित्सकों ने इसे ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।

