सहारनपुर। सहारनपुर की तहसील रामपुर, जो नकली पनीर निर्माण का कुख्यात हब बनती जा रही थी, अब खाद्य एवं औषधि विभाग की लगातार छापेमारी के चलते दबाव में आ चुकी है। इसी दबाव के कारण पनीर माफियाओं ने अब अपनी गतिविधियों को हरियाणा के करनाल जिले में शिफ्ट कर दिया है।
प्राप्त अभिसूचना के अनुसार, करनाल में तैयार मिलावटी पनीर को सहारनपुर की बजाय अब उत्तराखंड के विभिन्न जिलों, विशेषकर देहरादून, में सप्लाई किया जा रहा है। इसी क्रम में करनाल से देहरादून भेजी जा रही एक पनीर से भरी गाड़ी (संख्या UP-11 CT-3352) को छुटमलपुर टोल प्लाज़ा के पास रोका गया। विभाग की विशेष टीम ने मौके पर पनीर की गुणवत्ता की जांच करते हुए चार नमूने संग्रहित किए तथा शेष पनीर को नष्ट (विनष्ट) करने की कार्यवाही की। गाड़ी में पनीर 10 कुंतल था
यह नकली पनीर रामपुर मनिहारान के ननौता बाज़ार निवासी हाजी नाजर वास के पुत्र आज़म द्वारा करनाल में तैयार कराया जा रहा था।खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार वर्मा के नेतृत्व में सहारनपुर में नकली दूध, क्रीम, पनीर, मक्खन एवं घी के खिलाफ चल रहे सघन अभियान से माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जनपद के किसी भी क्षेत्र में खाद्य पदार्थों में मिलावट की अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
छापेमारी अभियान में सचल दल के साथ-साथ सहायक आयुक्त (खाद्य), सहायक युक्त खाद्य द्वितीय मनोज कुमार वर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित सिंह, महेश कुमार व सुमन पाल मौजूद रहे।

खाद्य विभाग की यह सतर्कता जनमानस के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए एक सराहनीय पहल है, जिससे मिलावटखोरों में भारी बेचैनी है।

