सहारनपुर। प्रधानमंत्री की डिजिटल इंडिया मुहिम और ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट को जहां देशभर में बढ़ावा दिया जा रहा है वहीं सहारनपुर के कई व्यापारी इस व्यवस्था से दूरी बना रहे हैं। शहर की सड़कों पर आजकल कई दुकानों पर बोर्ड टंगे देखे जा सकते हैं जिनमें साफ लिखा है कि यहां ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस रुझान के पीछे की सबसे बड़ी वजह है कि व्यापारी नगद लेनदेन को प्राथमिकता देते हैं जिससे उनका अधिकतर कारोबार नंबर दो में चलता है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन अपनाने से उनकी असली आमदनी सरकार की नजर में आ जाएगी और उन्हें आयकर चुकाना पड़ेगा। छोटे दुकानदारों से लेकर रोजाना लाखों रुपये कमाने वाले बड़े फूड विक्रेताओं तक ऑनलाइन पेमेंट से परहेज कर रहे हैं। शहर के कई समोसे छोले भटूरे और मिठाई विक्रेताओं ने तो बाकायदा ग्राहकों को स्पष्ट कर दिया है कि भुगतान केवल नकद ही लिया जाएगा।
- हालांकि विशेषज्ञों और जागरूक लोगों का मानना है कि व्यापारियों को डिजिटल भुगतान की ओर आगे बढ़ना चाहिए क्योंकि इससे व्यापार में पारदर्शिता आती है सुरक्षा बनी रहती है ग्राहक संतुष्ट रहता है और सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसान हो जाता है। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
![]()
सहारनपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विवेक मनोचा का कहना है कि ऑनलाइन लेनदेन से जहां टैक्स देने की जिम्मेदारी बढ़ती है वहीं व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बैंकिंग सुविधा लोन और सब्सिडी जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। हालांकि इसके साथ ऑनलाइन फ्रॉड की आशंका भी बनी रहती है ऐसे में व्यापारियों को सतर्क रहकर सुरक्षित डिजिटल प्रणाली अपनाने की सलाह दी जा रही है।
श्री मनोचने कहा कि जरूरत है कि सरकार भरोसे की भावना बढ़ाए व्यापारियों को ईमानदार करदाता बनाकर डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाए ताकि देश और व्यापार दोनों सुरक्षित और समृद्ध हो सकें।


