कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ में हाईलेवल बैठक, चार राज्यों के अधिकारियों ने कसी कमर
अनुज त्यागी
मेरठ। श्रावण मास में शुरू हो चुकी कांवड़ यात्रा को लेकर पश्चिमी यूपी के मेरठ में सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। बैठक में यूपी के मुख्य सचिव मनोज सिंह, डीजीपी राजीव कृष्ण, एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और आस्था के अनुरूप बनाना उद्देश्य
बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा और सुविधा पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, ट्रैफिक डायवर्जन, सड़कों की मरम्मत, बिजली व्यवस्था और चिकित्सा सुविधा जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। यात्रा मार्ग पर नो नॉनवेज स्कीम लागू रहेगी और खाने की शुद्धता की जांच का अधिकार केवल FSSAI के अधिकारियों को रहेगा।
हर ढाबे व शिविर पर लगेगा QR कोड
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए यात्रा मार्ग पर सभी ढाबों और शिविरों पर QR कोड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कांवड़ यात्री मालिक और कर्मचारियों की जानकारी तत्काल देख सकें। महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग कैंप और सुविधाएं देने पर भी जोर दिया गया।
डीजीपी ने किया निरीक्षण, मंदिर पहुंचे अधिकारी
बैठक के बाद डीजीपी ने पुलिस लाइन का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने जलाभिषेक कर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। हर साल हरिद्वार से लाखों श्रद्धालु यहां जल चढ़ाने आते हैं। मंदिर समिति के अनुसार, पिछले साल यहां करीब 5 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।
75 डेसिबल से अधिक नहीं होगी डीजे की आवाज
डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान डीजे की आवाज 75 डेसिबल से अधिक और ऊंचाई 10 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे स्टेशनों पर भी भीड़ नियंत्रण और ट्रेनों की छत पर चढ़ने की घटनाओं पर रोक लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रशासन ने की रूट डायवर्जन की तैयारी
श्रावण मास की शिवरात्रि पर कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन की योजना भी तैयार कर ली है। हर एक किलोमीटर पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और चारों राज्यों के अधिकारियों को एक साझा व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर आपात स्थिति में तुरंत सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धा, सुरक्षा और व्यवस्था—तीनों पर फोकस
कांवड़ यात्रा के दौरान नशे और तामसिक भोजन से परहेज, ब्रह्मचर्य पालन और अन्य नियमों के पालन की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था का सम्मान करते हुए यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि सभी श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर सकें और सकुशल अपने घर लौट सकें।

