नैनी। केंद्रीय कारागार में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के पास से मिली नकदी के मामले में डीजी जेल प्रेमचंद मीणा के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी शनिवार से अपना काम शुरू करेगी। इसमें उन सभी बिंदुओं को खंगाला जाएगा, जो जांच के दायरे में आएंगे। कर्मचारियों के बयान से लेकर सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जाएगा।
डीआइजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा मंगलवार को अली अहमद के बैरक की तलाशी कराई गई थी। अली के पास से 1100 रुपये बरामद हुए थे। जिसे लेकर खलबली मच गई थी। अली हमेशा सीसीटीवी कैमरे की नजर में रहता है, ऐसे में उसके पास नकदी कैसे पहुंची, इसे सुरक्षा में बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
इसी को लेकर डीआइजी की रिपोर्ट पर इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बुधवार को डिप्टी जेलर कांति देवी और वार्डन संजय द्विवेदी को निलंबित किया गया था। शुक्रवार को जेल मुख्यालय से महानिदेशक जेल प्रेम चंद मीणा की ओर से इस पूरे प्रकरण की जांच करने के लिए तीन सदस्य टीम का गठन किया गया।
इसमें डीआईजी जेल प्रयागराज जोन राजेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ जेल अधीक्षक वाराणसी राधाकांत मिश्रा और गाजीपुर के जेलर गणेश दत्त को शामिल किया गया है। डीआईजी जेल का कहना है कि मुख्यालय द्वारा गठित जांच टीम शनिवार से अपना काम शुरू कर देगी, जिसमें जेल कर्मचारियों के बयान के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे को पूरी तरीके से देखा जाएगा। हर एंगल से इस मामले की जांच की जाएगी।
अली की हो हरी कड़ी निगरानी
केंद्रीय कारागार में बंद अली अहमद को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। उसकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है। उसके पास से नकदी मिलने के बाद निगरानी और कड़ी कर दी गई है। इसी बीच इस बात की भी चर्चा रही कि अली अहमद की बैरक बदली जा रही है, लेकिन जेल प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया। बोला गया कि अली अहमद हाई सिक्योरिटी बैरक में ही है। उसकी और सख्त तरीके से निगरानी की जा रही है।

