कानपुर। जमीन की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे सपा के दिवंगत पूर्व राज्यमंत्री के बेटे को शनिवार देर रात बड़ा चौराहे के पास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दो साल से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। आरोपित ने फर्जीवाड़ा करते हुए प्लाट नंबर बदलकर उसकी रजिस्ट्री करवाकर बेच डाला था।

रविवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यशोदा नगर एस-ब्लाक निवासी अमित सिंह ने किदवई नगर जी ब्लाक में रहने वाले सपा के पूर्व राज्यमंत्री जगदेव सिंह के बेटे यशवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जगदेव सिंह का 26 अप्रैल 2021 में निधन हो गया था। उनका बेटा यशवेंद्र हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स कर्मचारी आवास सहकारी समिति लिमिटेड का तत्कालीन सचिव था।

इस मामले में उसके साथ परमियापुरवा निवासी कमल कुमार सिंह, सुंदरलाल, अरविंद गुप्ता, बृजकिशोर, केसा कालोनी निवासी संतोषी मिश्रा, गनेश गुप्ता, मनोज कुमार, प्रिया गुप्ता, नवाबगंज निवासी मनीषा श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव भी आरोपित थे। अमित ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके पिता ने फरवरी 1988 को समिति के तत्कालीन सचिव जगदेव सिंह से ख्योरा कछार में 223 वर्गमीटर का एक प्लाट खरीदा था।

जनवरी 1989 में रजिस्ट्री कराकर बाउंड्री और कमरे का निर्माण कराया। यशवेंद्र ने षडयंत्र के तहत प्लाट नंबर में फेरबदल करके वर्ष 2014 में कमल कुमार सिंह व अरविंद कुमार गुप्ता को इस प्लाट की रजिस्ट्री कर दी। मामले में सुंदरलाल, बृजकिशोर गवाह भी हैं। इसी प्लाट को कमल ने दो भाग करके संतोषी मिश्रा पत्नी मनोज कुमार मिश्रा को भी बेच दिया।

आरोपियों ने 2016 में गनेश और मनोज की गवाही में प्रिया गुप्ता को बेचा, जिसे उन्होंने मनीषा पत्नी आनंद श्रीवास्तव को बेचा। कोतवाली थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपितों पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग करके धोखाधड़ी करने, षडयंत्र रचने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि दो साल से यशवेंद्र प्रताप सिंह वांछित चल रहा था, जिसे देर रात मुखबिर की सूचना पर बड़ा चौराहा से गिरफ्तार कर लिया गया रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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