कन्नौज। अहमदपुर रौनी गांव की मुस्लिम बाहुल्य बस्ती में रहने वाले करीब 45 वर्षीय हारून अली सैयद को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया गया। वह महाराष्ट्र में ऑटो चलाता था। उसने 24 साल पहले किराये के विवाद में एक यात्री की हत्या कर दी थी। वह साल में एक-दो बार अपने गांव आता-जाता रहा था। बुधवार को उसकी गिरफ्तारी की ग्रामीणों को जानकारी हुई तब उसके गुनाह के बारे में पता चला।
सदर कोतवाली से करीब पांच किमी दूर स्थित अहमदपुर रौनी का रहने वाला हारून जब 20 वर्ष का था, तभी वह कमाने के लिए घर से महाराष्ट्र चला गया था। वहां वह मीरा भायंदर वसई में रहकर ऑटो चलाने लगा। उसने महाराष्ट्र के पालघर जिले में 14 अक्टूबर 2001 को किराये के विवाद में 56 वर्षीय यात्री मोहम्मद इब्राहिम अली की कथित तौर पर हत्या कर दी थी।
विरार पुलिस की अपराध शाखा इकाई-तृतीय द्वारा ठंडे मामले पर फिर से विचार करने के निर्णय के बाद सोमवार को तलासरी से उसको हिरासत में लिया गया। उसने कुबूल किया कि झगड़े के बाद चाकू से वारकर हत्या की थी। पुलिस ने करीब पांच महीने पहले इस मामले की सक्रियता से जांच शुरू की थी।
विरार पुलिस की अपराध शाखा इकाई-तृतीय द्वारा ठंडे मामले पर फिर से विचार करने के निर्णय के बाद सोमवार को तलासरी से उसको हिरासत में लिया गया। उसने कुबूल किया कि झगड़े के बाद चाकू से वारकर हत्या की थी। पुलिस ने करीब पांच महीने पहले इस मामले की सक्रियता से जांच शुरू की थी।
पीड़ित के रिश्तेदारों का पता लगाया और पुराने गवाहों से फिर से संपर्क किया। पुलिस ने मुंबई में मुखबिरों को भी सक्रिय किया और उसके कन्नौज के गांव में पता किया था। व्यापक जांच व तकनीकी निगरानी के बाद उसे पकड़ा गया। हारून को विरार पुलिस को सौंप दिया गया है।

