सचिव ने बताया कि व्यक्ति ने फर्जी प्रोफाइल से फेसबुक पर जुड़े उनके कुछ दोस्तों को मैसेज भेजकर रकम मांगने का भी प्रयास किया है। संदेश में ठग ने बताया है कि उसके एक परिचित जो सीआरपीएफ के अधिकारी हैं, उनका स्थानांतरण होने के कारण वह अपना घरेलू सामान-फर्नीचर, बेड, रेफ्रिजरेटर, टेलीविज़न आदि सामान उचित दाम पर बेचना चाहते हैं। यदि आप चाहें तो यह सामान ले सकते हैं। इसके बाद वह दोस्तों का मोबाइल नंबर प्राप्त कर रहा है।
दोस्तों ने स्क्रीनशाट भेजे
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके कुछ दोस्तों ने उन्हें फोन करके इस प्रकार की गतिविधियों के बारे में बताया और कुछ स्क्रीनशाट भी उपलब्ध कराए। उन्होंने बताया कि इस फर्जी फेसबुक आईडी से वर्तमान में 321 लोग जुड़े हुए हैं। ऐसे में अज्ञात व्यक्ति ठगी की घटनाओं को अंजाम दे सकता है । साइबर थाना की ओर से मामले की प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट शहर कोतवाली को भेजी है। शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
इससे पहले भी कई अधिकारियों के बन चुके हैं फर्जी प्रोफाइल
साइबर ठग इससे पहले भी उत्तराखंड के कुछ आइपीएस, आइएएस अधिकारियों के फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी का प्रयास कर चुके हैँ। ठगों ने पूर्व डीजीपी अशोक कुमार के नाम से भी फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी का प्रयास किया था, उस समय साइबर थाना पुलिस ने कुछ ठगों को गिरफ्तार किया भी किया था, लेकिन इसके बाद इस तरह की कई शिकायतें तो आई, लेकिन साइबर थाना व जिला पुलिस किसी भी साइबर ठग को गिरफ्तार नहीं कर पाई, जिससे साइबर ठगों के हौंसले बुलंद हैं।

