गोरखपुर। चिड़ियाघर पहुंची केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की टीम ने रविवार को चिकित्सकों से पूछताछ की। बाघ केसरी की मौत से लेकर बाघिन शक्ति, भेड़िया भैरवी और तेंदुआ मोना की मौत पर सवाल-जवाब किए। बर्ड फ्लू फैलने के कारणों पर सवाल उठाए।
इसके अलावा कर्मियों से भी अलग-अलग पूछताछ की और रिपोर्ट तैयार किए। वहीं अधिकारियों से अब तक की कार्रवाई और जांच की रिपोर्ट मांगी। इसी बीच चिड़ियाघर परिसर में एक और कौआ मृत पाया गया।
इसको लेकर अब तक परिसर में नौ कौआ मृत पाए जा चुके है। सभी का नमूना जांच के लिए इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली भेजा गया है। लेकिन अभी तक एक का भी रिपोर्ट नहीं आया।
दो दिवसयी दौरे पर आई टीम सोमवार को एक-एक बाड़े का निरीक्षण करेगी। वन्यजीवों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए उनका नमूना संग्रहित करेगी। पता लगाएगी कि बाघिन शक्ति और भेड़िया भैरवी के अलावा अन्य किसी में बर्ड फ्लू की बीमारी तो नहीं है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में लगातार हो रहे वन्यजीवों की मौत का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, दिल्ली ने चिकित्सकों की टीम गठित कर भेजी है।
इसमें डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हसबेंडरी, दिल्ली के ज्वाइंट डायरेक्टर डा. विजय कुमार तेवतिया, राष्ट्रीय उच्च पशु संस्थान, भोपाल से वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मनोज कुमार, आईवीआरआई, बरेली से वाइल्ड लाइफ हेड डा. एम पावड़े और सीनियर पैथोलाजिस्ट डा. एम करिकलन शामिल हैं।

पोल्ट्री फार्म से 387 पक्षियों का नमूना भेजा गया बरेली

बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पोल्ट्री फार्मों से 387 पक्षियों का नमूना लेकर जांच के लिए बरेली भेज दिया है। पशुपालन विभाग की टीम ने गोरखपुर के पोल्ट्री फार्मों से 212 नमूने लिए हैं, जबकि, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज से 175 नमूने लिए गए है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि गोरखपुर मंडल से कुल 387 नमूने जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेज दिये गए हैं। 179 सैंपल गुरुवार को लिए गए थे, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा। बताया कि अभी पोल्ट्री फार्म पर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। किसी भी पोल्ट्री फार्म पर चूजों या पक्षियों के मरने की खबर नहीं है।

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