आगरा मंडलीय एफएसडीए टीम ने 23 अप्रैल को पथौली स्थित अंबे डेयरी पर छापा मारा। डेयरी में 125 किग्रा मिलावटी पनीर जब्त किया गया। नमूना लेने के बाद पनीर को नष्ट कराया गया। पनीर की आपूर्ति कहां से हुई और कहां-कहां इसे भेजा जा रहा था। टीम ने इसका पता नहीं लगाया।
मंडलीय एफएसडीए टीम ने 26 अप्रैल को छलेसर स्थित मुकेश डेयरी में छापा मारा। डेयरी से 130 किग्रा मिलावटी पनीर जब्त किया गया। पनीर का नमूना लेने के बाद टीम ने इसे नष्ट करा दिया। इसकी कीमत 31 हजार रुपये थी। डेयरी संचालक मुकेश कुमार से पूछताछ की लेकिन अभी तक पनीर बनाने वाले नेटवर्क का पता नहीं लगा सकी। आखिर इतनी मात्रा में पनीर और दूध कहां से आ रहा था।
जिले में मिलावटी पनीर बिकने के यह तो दो ही उदाहरण हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अधिकारियों की लापरवाही के चलते मिलावटी पनीर का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार हर दिन 700 कुंतल पनीर तैयार होता है। इसकी आपूर्ति राजस्थान, हरियाणा, नई दिल्ली के अलावा आसपास के जिलों में की जाती है।
सेवानिवृत्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार का कहना है कि एक किग्रा पनीर बनाने में पांच लीटर दूध की जरूरत होती है। दूध से क्रीम नहीं निकाली जानी चाहिए। यानी 325 रुपये का दूध आएगा। 90 रुपये गैस सहित अन्य में खर्च होते हैं। इस तरह से एक किग्रा पनीर 415 रुपये का मिलना चाहिए। इसके विपरीत बाजार में इससे कहीं कम का पनीर बिक रहा है। मिल्क पाउडर का प्रयोग कर मिलावटी पनीर बनाया जाता है।
230 से 250 रुपये में पांच किग्रा पनीर तैयार हो जाता है। ढाबा से लेकर ठेलों में ऐसे ही पनीर का प्रयोग किया जाता है। यह आसानी से मिल जाता है। नेटवर्क का पता लगाया जाना चाहिए। अगर नेटवर्क पर कार्रवाई की जाएगी तो मिलावटी पनीर की बिक्री को आसानी से रोका जा सकता है। जिन डेयरी पर कार्रवाई की जाती है। उनके संचालकों से ठीक तरीके से पूछताछ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप पैकेज्ड पनीर खरीदते हैं तो एक बार अच्छी तरीके से पड़ताल कर लें।

पनीर की पहचान के तरीके

  • असली पनीर का स्वाद क्रीमी होता है। अगर इसका स्वाद अलग सा महसूस हो तो उसमें मिलावट की गई है।
  • कुछ मात्रा में पनीर लें। उसे हाथों में फसल लें। अगर पनीर भुरभुरा हो रहा है तो इसका मतलब है कि इसमें किसी न किसी रूप में कोई मिलावट की गई है।
  • एक तवे में कुछ मात्रा में पनीर को गर्म करें। असली पनीर का रंग हल्का सुनहरा होगा। अगर पनीर में मिलावट की गई है तो वह टूटने और पिघलने लगेगा।
  • असली पनीर साफ्ट और स्पांजी होता है। मिलावटी पनीर थोड़ा हार्ड और रबड़ की तरह खींचता है।

मिलावटखोरों की धरपकड़ का चलेगा अभियान, डीएम ने जारी किए आदेश

एफएसडीए अधिकारियों की लचर कार्यशैली का फायदा मिलावटखोर उठा रहे हैं। दूध, पनीर, देशी घी सहित अन्य में मिलावट की जा रही है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मिलावटखोरी को रोकने के आदेश दिए हैं। मिलावटखोरों की धरपकड़ का अभियान एक से दो दिन में चालू होगा। डीएम ने एफएसडीए अधिकारियों से रिपोर्ट भी तलब की है। जल्द ही डीएम द्वारा बैठक भी की जाएगी। डीएम ने बताया कि शहर से लेकर देहात तक अभियान चलाने के लिए कहा गया है। लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है। सामान खरीदने से पूर्व एक बार सामान की अच्छी तरीके से जांच जरूर कर लें।

जेल के साथ सजा का भी प्रविधान

मिलावटी पनीर में जेल के साथ सजा का भी प्रविधान है। जांच के बाद अगर पनीर में मिलावट की पुष्टि होती है तो यानी उसका नमूना असुरक्षित निकलता है। एफएसडीए द्वारा एसीजेएम प्रथम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। इसमें तीन माह की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं अगर जांच में नमूना अधोमानक मिलता है तो ऐसी दशा में एडीएम सिटी कोर्ट में वाद दायर होता है। अधिकतम पांच लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है।

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