बरेली। परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने 86 हजार वाहनों का पंजीयन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। जिनमें 75 हजार दोपहिया वाहन हैं, पांच हजार से अधिक कार और कॉमर्शियल वाहन हैं। इन वाहनों के पंजीयन की वैधता पूरी होने के बाद रिन्युअल नहीं कराया गया है। इन पुराने वाहनों से पर्यावरण को नुकसान होने के साथ वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत नान ट्रांसपोर्ट वाहनों का पंजीयन 15 साल के लिए और ट्रांससपोर्ट वाहनों का पंजीयन दो साल के लिए पंजीयन कराया जाता है। अवधि पूरी हो जाने के बाद नान ट्रांसफोर्ट वाहनों के पंजीयन का नवीनीकरण पांच-पांच साल के लिए और ट्रांसफोर्ट वाहनों का पंजीयन दो-दो साल के लिए फिटनेस के आधार पर किया जाता है।
परिवहन विभाग ने दिसंबर 2009 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों को चिह्नित किया है। जिनकी पंजीयन अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया है। इन वाहनों का दोबारा फिटनेस और टैक्स जमा करके नवीनीकरण कराया जा सकता है। जिन वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया गया है, उनके मालिक नीवीनीकरण नहीं कराते हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

जिले में कुल 10.25 लाख वाहन पंजीकृत हैं

आरटीओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 10.25 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इनमें लगभग पांच लाख कारे, टैक्सी, ट्रक, ई-रिक्शा, टेंपो और अन्य कामर्शियल वाहन शामिल हैं। दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे अधिक है।

वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे जा रहे

एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार सिंह के अनुसार विभाग की ओर से जिन वाहनों के पंजीयन निलंबित किए गए हैं उन वाहन स्वामियों को नोटिस भेज रहा है, ताकि वाहनों का नवीनीकरण लें। इसके लिए उन्हें 600 रुपये ग्रीन टैक्स, फिटनेस टेस्ट, अनुशासन शुल्क जमा करना होगा। अगर वाहन फिटनेस जांच में पास होता है, तभी उसका नवीनीकरण अगले पांच साल के लिए बढ़ाया जाएगा। कार के लिए 500 रुपये प्रति माह, बाइक के लिए 300 रुपये प्रति माह की दर से लेट फीस देनी होगी। इसी तरह, छह माह से एक साल तक निलंबित वाहनों पर भी लेट फीस पड़ेगी। यह राशि ग्रीन टैक्स और रजिस्ट्रेशन के साथ जमा करनी होगी।

डाटा पोर्टल से हटा दिया जाएगा

आरटीओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 10.25 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इनमें लगभग पाच लाख कारें, टैक्सी, ट्रक, ई-रिक्शा, टेंपो और अन्य कामर्शियल वाहन शामिल हैं। दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे अधिक है। यदि कोई वाहन स्वामी औपचारिकता पूरी कराकर पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराता है तो माना जाएगा कि वह वाहन को वैध रूप से चलाना नहीं चाहता है। ऐसे में उसका डाटा पोर्टल से हटा दिया जाएगा और वह वाहन कानूनन अवैध माना जाएगा।

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