जिन्हें जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया गया। जिन लोगों की बाउंड्री व अवैध कब्जे ढहाए गए। उनमें से कोई सामने नहीं पहुंचा। एसडीएम क्षितिज द्विवेदी, एआरओ प्रशांत नायक व तहसीलदार सदर अर्सलानाज सहित राजस्व, सर्वे लेखपाल व राजस्व कानूनगो व सर्वे की मौजूदगी में अवैध कब्जे ध्वस्त कराने की कार्रवाई हुई।
इस संबंध में एआरओ प्रशांत नायक ने बताया कि भूमि संख्या 1706 में कुल 24 बीघा जमीन दर्ज है। जिसमें पांच बीघा जमीन पर नसीम अहमद व उनके भाई सह खातेदार हैं। यह जमीन उनके नाम दर्ज हैं। वह लोग अपनी पांच बीघा जमीन लोगों को बेच चुके हैं। जिसमें क्रेताओं के मकान भी बन चुके हैं। वहीं भूमि संख्या 1706 में 19 बीघा जमीन सरकारी है। जो सरकारी अभिलेखों में गंगा रेत के नाम दर्ज है।
जबकि, भूमि संख्या 1704 मां लगभग पांच बीघा जमीन नवीन परती के नाम दर्ज है। जिस पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर बाउंड्री वाल व नींव भरवा डाली है। जिसमें पांच अर्ध निर्मित बाउंड्री व लगभग 20 नींव बुलडोजर से ढहाई गई हैं। उन्होंने बताया कि 19 बीघा सरकारी जमीन पर किसने कब्जे कर रखे हैं। कोई सामने नहीं आया है। एआरओ ने बताया कि कब्जा मुक्त कराई गई 19 बीघा सरकारी जमीन की बाजारू कीमत लगभग 38 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जे ढहाकर उसे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल निषाद की मौजूदगी में ग्राम सचिव धीरेंद्र रावत को सिपुर्द कर दी गई है। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन पर पिलर लगाकर चौतरफा तार लगवाने शुरू कर दिए गए हैं। वहीं स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि अब वहां पर दोबारा से कोई कब्जा न करने पाए।
उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन पर जिन लोगों ने बाउंड्री बना रखी थी। वहां पूर्व में ही नोटिस चस्पा कराई जा चुकी है। नोटिस चस्पा कराने के बाद कोई संपर्क करने नहीं पहुंचा। अपराह्न लगभग साढ़े तीन बजे से शाम छह बजे तक कार्रवाई चली। एसडीएम व एआरओ ने बताया कि कटरी पीपरखेड़ा की सरकारी जमीन से अवैध कब्जे ढहाए जाने की कार्रवाई बराबर चलती रहेगी।

तमाशा देखते रहे लोग

जाजमऊ में कटरी पीपरखेड़ा के इकलाखनगर में जिस समय प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी जमीन से अवैध कब्जों को बुलडोजर से ढहाने की कार्रवाई चल रही थी। कटरी पीपरखेड़ा व इकलाखनगर समेत आस पास इलाकों में रहने वाले लोग तमाशा देखते रहे।

एआरओ ने वकील को समझाया सरकारी जमीन पर नहीं मिलता स्टे

अवैध कब्जों को ढहाए जाने की कार्रवाई के दौरान एक वकील ने वहां आकर एआरओ प्रशांत नायक को गाटा संख्या 1704 पर स्टे होने की बात बताई। वकील ने स्टे की फोटो कापी दिखाई। जिसपर एआरओ ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी को स्टे नहीं मिलता है। जब नोटिस चस्पा कराई गई थी तब कोई क्यों नहीं आया। एआरओ ने कहा कि गाटा संख्या 1704 की पूरी जमीन नवीन परती में दर्ज है। जमीन से संबंधित प्रपत्रों के साथ सोमवार को उनके आफिस आएं।