प्रयागराज। संसद में वक्फ संशोधन बिल को लेकर छिड़ी बहस के बीच शहर के पुराने मामले फिर ताजा हो गए हैं। तमाम लोगों के बीच डेढ़ साल पहले सल्लाहपुर में माफिया अतीक और अशरफ द्वारा कब्जा की गई वक्फ बोर्ड की जमीन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड की करीब 50 करोड़ की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में माफिया रहे अशरफ की बीवी जैनब फातिमा, उसके साले सद्दाम, जैद मास्टर, हटवा के प्रधान सिवली, मुतवल्ली मो. असियम, उसकी बीवी जिन्नत व तारिक के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था। इसके बाद बिना नक्शा पास कराकर वक्फ की जमीन पर बनाए गए मकान को ढहाने की कार्रवाई की गई थी।
वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जा करने मामला नवंबर 2023 में सामने आया था। पूरामुफ्ती निवासी माबूद अहमद का आरोप था कि अकबरपुर, सल्लाहपुर में सुन्नी वक्फ बोर्ड की जमीन है, जिसका मुतवल्ली हटवा निवासी मो. असियम था। वक्फ बोर्ड को जमीन अमेरिका में रह रहे सैय्यद मो. एजाज ने दिया था।
वक्फ की जमीन की देखरेख के लिए मुतवल्ली ने माबूद को रखा था। कुछ साल पहले माबूद कैंसर से पीड़ित हो गया और इलाज कराने के लिए बाहर चला गया था। इसी बीच अतीक, अशरफ, अशरफ की बीवी जैनब, साले समेत अन्य लोगों ने मुतवल्ली व उसकी बीवी से साठगांठ करके कई बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया। इसके बाद कूटरचित दस्तावेज तैयार करके तमाम लोगों को बेच दिया गया था।
माबूद अपना इलाज करवाकर वापस लौटा तो वक्फ की जमीन पर मकान बना देख हतप्रभ रह गया था। तब वर्ष 2020 में वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर कब्जा करने के संबंध में अलग-अलग अधिकारियों को शिकायत दी, जिस पर मुतवल्ली समेत अन्य ने जान से मरवाने, हादसा करवाने की धमकी देते रहे। हालांकि मामले में नवंबर 2023 में पूरामुफ्ती थाने में मुकदमा लिखा गया था। उस मुकदमे की विवेचना अभी भी प्रचलित है।

वक्फ संशोधन कानून का मुस्लिम समाज ने किया समर्थन

वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शुक्रिया कहा। करेली के 60 फिट रोड पर जुटे कार्यकर्ताओं ने कहा, यह बिल आम मुस्लिम के हित में हैं।
केंद्र सरकार के संदर्भ में लोगों ने कहा, लगातार दस वर्ष से मुस्लिम, अल्पसंख्यकों के लिए बेहतर से बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं। असहाय लोगों की मदद भी बिना भेदभाव की जा रही है। पिछड़ा वर्ग के लोगों को लाभ दिया जा रहा है। वंचित समाज के लोगों तक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। इस दौरान मोहम्मद साजिद, मो. मामून, शकील सलमानी, वकील अहमद आदि मौजूद रहे।

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